ध्वजारोहण समारोह और राष्ट्रगान ने पूरे परिसर को देशभक्ति के भाव से भर दिया. मुख्य अतिथि डॉ. जे.आर. चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया.

- 31 प्रस्तुतियों में दिखी स्वतंत्रता संग्राम की झलक, बच्चों ने गीत, नृत्य और नाट्य मंचन से बांधा समां
- ध्वजारोहण से पहले रंगारंग कार्यक्रमों ने बढ़ाया उत्साह, मुख्य अतिथि डॉ. जे.आर. चौधरी ने बच्चों का बढ़ाया हौसला
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : फाउंडेशन स्कूल, बक्सर एवं जीडी मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज में शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया. फाउंडेशन स्कूल के प्राचार्य मनोज कुमार त्रिगुण के नेतृत्व में 7:30 बजे से शुरू हुए कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य, अभिनय, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को यादगार बना दिया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जे.आर. चौधरी रहे, जबकि विद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, विद्यार्थी और अभिभावक इस आयोजन के साक्षी बने.
समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि के स्वागत के साथ हुई. इसके बाद कक्षा VIII-A के विद्यार्थियों ने 'आरंभ है प्रचंड' गीत से माहौल में जोश भर दिया. कक्षा VI के छात्रों ने 'जलियांवाला बाग' नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष को जीवंत किया. कक्षा VII की छात्राओं ने देशभक्ति गीतों का शानदार मिश्रण प्रस्तुत किया, वहीं छात्राओं के समूह ने पिरामिड प्रस्तुति से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं.
कार्यक्रम में 'ऑपरेशन विजय' के जरिए वीरता की कहानी दिखाई गई, जबकि परियोजना प्रस्तुति, कक्षा VIII की छात्राओं की कव्वाली और कक्षा VI-VII की छात्राओं की 'हार्मनी ऑफ नेचर' प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विविध रंग भर दिए. कक्षा VII के छात्रों ने स्वतंत्रता सेनानियों की भूमिका निभाकर देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी.
झांसी की रानी से लेकर 'भारत-परंपरा से पराक्रम तक' ने जीता दिल
कक्षा VII की छात्राओं ने 'झांसी की रानी' को समर्पित प्रस्तुति दी, जबकि कक्षा VI की छात्राओं ने 'दीवारें ऊंची हैं' गीत पर नृत्य पेश किया. कक्षा XI के अभिनव ने भाषण के माध्यम से स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण पर अपने विचार रखे. कक्षा VIII की छात्राओं ने 'ओल्ड एज होम' नाटक के जरिए सामाजिक संवेदना का संदेश दिया. इसके बाद 'भारत-परंपरा से पराक्रम तक' नाटक और गीत की प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और वीरता को मंच पर उतार दिया.
इसके बाद कक्षा VIII के छात्रों ने 'वैल्यू फॉर एजुकेशन' नाटक प्रस्तुत किया. इसी क्रम में ध्वजारोहण समारोह और राष्ट्रगान ने पूरे परिसर को देशभक्ति के भाव से भर दिया.
मुख्य अतिथि डॉ. जे.आर. चौधरी ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
मुख्य अतिथि डॉ. जे.आर. चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी हमें वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से मिली है. इसलिए नई पीढ़ी का दायित्व है कि वह देश की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाए. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनकी प्रतिभा, अनुशासन तथा सकारात्मक सोच ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी.
प्रधानाध्यापक मनोज कुमार त्रिगुण ने दिया राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी का संदेश
प्रधानाध्यापक मनोज कुमार त्रिगुण ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी केवल एक उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपने देश के प्रति जिम्मेदारियों को समझने का दिन भी है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है. बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, भारतीय संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को जिस तरह मंच पर प्रस्तुत किया, वह सराहनीय है.
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे मन लगाकर शिक्षा प्राप्त करें, अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करें तथा देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लें. उन्होंने कहा कि एक मजबूत और विकसित भारत का निर्माण आज के विद्यार्थियों के ज्ञान, संस्कार और जिम्मेदारी से ही संभव है.
'किसान का बेटा' और 'महाभारत' से लेकर बालिका शिक्षा तक, हर प्रस्तुति में संदेश
कार्यक्रम के अगले चरण में 11वीं बायो की छात्राओं ने 'शुभारंभ' गीत प्रस्तुत किया. 11वीं कॉमर्स की छात्राओं ने 'स्टेट रिप्रेजेंटेशन' के तहत नृत्य की प्रस्तुति देकर अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक झलक दिखाई. 'किसान का बेटा' नाटक ने ग्रामीण जीवन और किसानों के संघर्ष को सामने रखा, जबकि छात्रों के पिरामिड प्रदर्शन ने दर्शकों का ध्यान खींचा.
12वीं विज्ञान की छात्राओं ने 'महाभारत' की प्रस्तुति दी. कक्षा IX के छात्रों ने 'टोलेलई की पुकार' नाटक के जरिए सामाजिक मुद्दे को उठाया. इसके बाद बालिका शिक्षा पर आधारित नाटक ने बेटियों की पढ़ाई और उनके अधिकारों का संदेश दिया. कक्षा IX की छात्राओं ने अस्पृश्यता के खिलाफ संदेश देने वाला नाटक प्रस्तुत किया, जबकि 12वीं कॉमर्स के विद्यार्थियों ने 'आजादी' नाटक के जरिए स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित किया. अंत में कक्षा IX की छात्राओं के भाषण और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
अनुपमा पाठक ने संभाला मंच, अनिल ओझा ने किया धन्यवाद ज्ञापन
पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन अनुपमा पाठक ने किया. धन्यवाद ज्ञापन अनिल कुमार ओझा ने किया. आयोजन में अनिल कुमार ओझा, चंदन श्रीवास्तव, चंदन मिश्र, आशीष वर्मा, अजय कुमार सिंह, संजीव सिंह, मिथिलेश ठाकुर, अजय सिंह, एसके दूबे, एस जे दूबे, अनुपमा पाठक, संगीता सिंह, वीरेन्द्र प्रधान, सरदार सिंह, सरोज सिंह, एन एन ओझा, कंचन दूबे, सोनी भारती, आकाश कुमार, अजीत कुमार मिश्र, वरुण पाठक, मो फराज खान, राजेश पंडित, आर एन पांडेय, रवि कुमार, इमरान खान, विनय पाठक, विनय मिश्र, राजेंद्र पांडेय, पूजा, एतशाम परवीन, आदित्य वर्धन, संध्या सिंह, आयशा खातून, साक्षी मिश्र, साक्षी उपाध्याय, वंदना, अजय तिवारी, शिवम आदित्य, शिवम राधाकृष्ण, संजीत किशोर, अभिनन्दन मौर्य, अविनाश पाठक, शशिकांत दूबे, पूनम त्रिगुण, आशिफा हुसैन, अनीता सिंह, जयराम चौधरी, प्रकाश कुमार मिश्र, अश्विनी कुमार मिश्र, सुनील मिश्र, अरविंद कुमार सिंह, अजय पाल, पूजा पांडेय, खुशी, अमित गुप्ता, अमित कुमार वर्मा, प्रवीण कुमार तिवारी और राजीव कुमार पाठक सहित विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे.
फाउंडेशन स्कूल का यह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों ने अभिनय, संगीत, नृत्य और भाषण के जरिए स्वतंत्रता, समानता, शिक्षा, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रप्रेम का संदेश भी दिया. पूरे कार्यक्रम के दौरान 'स्वतंत्रता, एकता और गौरव' की भावना विद्यालय परिसर में साफ नजर आई.





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