ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय भी समस्या का समाधान नहीं हुआ. वर्तमान विधायक संतोष कुमार निराला से भी ग्रामीणों ने गुहार लगाई, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
- 2007 में 26 लाख रुपये की लागत से शुरू हुआ था निर्माण, 2016 में ढलाई के दौरान ही ढह गई पुलिया
- पांच गांवों के विद्यार्थियों की जान पर जोखिम, जनप्रतिनिधियों से गुहार के बाद भी समाधान नहीं मिलने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के मनोहरपुर गांव के सामने नहर पार करने के लिए रखा गया बिजली का खंभा गुरुवार की शाम टूट गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया. नहर के दूसरी तरफ स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय नारायणपुर मनोहरपुर जाने का रास्ता बंद होने से पांच गांवों के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है. लंबे समय से पुलिया का निर्माण पूरा नहीं होने और अब वैकल्पिक रास्ता भी बंद हो जाने से नाराज विद्यार्थियों ने शुक्रवार को बक्सर-सिकरौल नहर मार्ग जाम कर विरोध जताना शुरु कर दिया है. फिलहाल मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है.
ग्रामीणों के अनुसार, मनोहरपुर गांव के सामने नहर पर मुख्यमंत्री पुलिया निर्माण योजना के तहत वर्ष 2007 में करीब 26 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य शुरू हुआ था. आरोप है कि अभियंताओं और संवेदक की मिलीभगत के कारण काम बेहद धीमी गति से चलता रहा. वर्ष 2016 में पुलिया की ढलाई शुरु हुई, लेकिन ढलाई के दौरान ही निर्माणाधीन पुलिया धराशायी हो गई. इसके बाद से आज तक पुलिया का निर्माण पूरा नहीं हो सका.
देखिए कैसे टूटा आवागमन का अस्थायी इंतजाम
पांच गांवों के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट
नहर की दूसरी तरफ प्लस टू उच्च विद्यालय नारायणपुर मनोहरपुर स्थित है, जहां पांच गांवों के विद्यार्थी पढ़ने जाते हैं. पुलिया नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने नहर पार करने के लिए बिजली के खंभे डालकर अस्थायी रास्ता बनाया था. इसी जोखिम भरे रास्ते से विद्यार्थी स्कूल आते-जाते थे. गुरुवार की शाम खंभा टूटने के बाद यह रास्ता भी बंद हो गया, जिससे विद्यार्थियों के सामने विद्यालय पहुंचने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है.
जान जोखिम में डालकर पार कर रहे थे नहर
ग्रामीणों के मुताबिक, बिजली के खंभे के सहारे नहर पार करने के दौरान कई विद्यार्थी फिसलकर पानी में गिर चुके हैं. हालांकि, वे किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे. गुरुवार की शाम खंभा टूटने से भी कई लोग नहर में गिरकर चोटिल हो गए. ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह का जोखिम कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, लेकिन इसके बावजूद पुलिया निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
विधायक और सांसद से गुहार, फिर भी नहीं निकला समाधान
स्थानीय ग्रामीण मुकेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए पूर्व विधायक विश्वनाथ राम और तत्कालीन सांसद अश्विनी कुमार चौबे को आवेदन देकर पुलिया निर्माण पूरा कराने की मांग की गई थी. ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय भी समस्या का समाधान नहीं हुआ. वर्तमान विधायक संतोष कुमार निराला से भी ग्रामीणों ने गुहार लगाई, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
पुलिया बनने तक जारी रहेगा विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया का निर्माण केवल आवागमन की सुविधा का सवाल नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा से भी जुड़ा है. रोजाना जान जोखिम में डालकर नहर पार करना उनकी मजबूरी बन गया था और अब खंभा टूटने से रास्ता भी पूरी तरह बंद हो गया है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक पुलिया निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.
मौके पर पहुंच रही पुलिस: इटाढ़ी थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्हें विद्यार्थियों द्वारा सड़क जाम किए जाने की जानकारी मिली है. सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंच रही हैं, ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके.
वीडियो :





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