महाराज की स्मृति को स्थायी बनाने के लिए चौक या सड़क का नामकरण करने और उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठी. साथ ही सामाजिक सौहार्द और जनसेवा के क्षेत्र में राजपरिवार के योगदान को देखते हुए परिवार को प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित करने की मांग भी की गई.
- डुमरांव की भोजपुर कोठी में प्रथम पुण्यतिथि पर सैकड़ों लोगों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
- राजपरिवार को प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित करने की भी मांग, वक्ताओं ने सामाजिक समरसता और जनसेवा में योगदान को किया याद
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के डुमरांव राजपरिवार के दिवंगत महाराज चंद्रविजय सिंह की प्रथम पुण्यतिथि पर भोजपुर कोठी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस दौरान महाराज की स्मृति को स्थायी बनाने के लिए चौक या सड़क का नामकरण करने और उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठी. साथ ही सामाजिक सौहार्द और जनसेवा के क्षेत्र में राजपरिवार के योगदान को देखते हुए परिवार को प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित करने की मांग भी की गई. वक्ताओं ने महाराज के व्यक्तित्व, सादगी और आम लोगों से उनके आत्मीय जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियां समाज को लंबे समय तक प्रेरित करती रहेंगी.
सभा में वक्ताओं ने कहा कि महाराज चंद्रविजय सिंह ने सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और जनसेवा को अपने जीवन में विशेष महत्व दिया. उन्होंने अपने पिता महाराज कमल सिंह की सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण की परंपरा को आगे बढ़ाया. उनकी सरलता, व्यवहार कुशलता और आम लोगों के बीच सहज उपलब्धता को याद करते हुए लोगों ने कहा कि उनका व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा. उपस्थित लोगों ने उम्मीद जताई कि युवराज शिवांग विजय सिंह अपने पिता की परंपरा और विरासत को आगे बढ़ाएंगे.
स्मारक और प्रतिमा से जीवंत रहेंगी स्मृतियां
डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह ने कहा कि महाराज चंद्रविजय सिंह का जीवन सामाजिक सद्भाव और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा. उनकी स्मृति को स्थायी बनाने के लिए किसी चौक या सड़क का नामकरण करने और प्रतिमा स्थापित करने की पहल होनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके योगदान को याद रख सकें.
दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह ने कहा कि राजपरिवार ने लंबे समय से सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण के क्षेत्र में योगदान दिया है. इस विरासत को सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी है. उन्होंने महाराज की स्मृति में स्मारक स्थापित करने के साथ राजपरिवार के योगदान के लिए प्रतिष्ठित सम्मान देने पर भी विचार करने की बात कही.
सादगी और सामाजिक योगदान को किया याद
मेथोडिस्ट हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट डॉ. आरके सिंह ने कहा कि महाराज चंद्रविजय सिंह की सादगी और लोगों के प्रति आत्मीयता उन्हें विशिष्ट बनाती थी. उनके जीवन और सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिमा स्थापित करना सार्थक पहल होगी.
मां शिवरात्रि हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी सेवा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों से होती है. महाराज चंद्रविजय सिंह ने इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाया. उनकी स्मृति में स्मारक स्थापित करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह भुवन ने कहा कि महाराज चंद्रविजय सिंह का व्यक्तित्व सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक था. राजपरिवार ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है. इस योगदान के लिए परिवार को प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित करने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए.
राजपरिवार के सदस्यों सहित जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा में राजपरिवार के सदस्य मानविजय सिंह, सुमेर विजय सिंह, शिवांग विजय सिंह, कनिका सिंह, समृद्ध विजय सिंह, राज सिंह और रणधीर प्रताप सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे. वहीं, डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह, दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह, पूर्व विधायक संजय तिवारी और पूर्व विधायक विश्वनाथ राम ने भी दिवंगत महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की.
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह भुवन, हम जिलाध्यक्ष ऋषि राय और लोजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. इनके अलावा डॉ. आरके सिंह, डॉ. आशुतोष कुमार सिंह, डॉ. आनंद पाण्डेय, डॉ. शैलेश श्रीवास्तव, डॉ. श्रवण कुमार तिवारी, नियामतुल्लाह फरीदी और लक्ष्मी नारायण सहित शहर के कई गणमान्य लोगों ने भी महाराज के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके सामाजिक योगदान को याद किया.
श्रद्धांजलि सभा में उठी मांगों के जरिए लोगों ने दिवंगत महाराज की स्मृतियों को संरक्षित करने, उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और राजपरिवार की सामाजिक विरासत को सम्मान देने की अपेक्षा जताई.





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