बक्सर में बिना ट्रेड लाइसेंस नहीं चलेंगी दुकानें: नगर परिषद ने कसी कमर, जांच के लिए विशेष टीम गठित ..

अकेले नगर परिषद द्वारा विभिन्न व्यवसायों के लिए आवंटित लगभग सवा सौ दुकानों में से भी अधिकांश का नवीनीकरण तक नहीं कराया गया है. वहीं पूरे शहर में संचालित छोटी-बड़ी दुकानों की संख्या हजारों में है, जो बिना किसी निबंधन के चल रही हैं.




                           





बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर परिषद क्षेत्र में बिना ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रही दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नगर प्रशासन ने शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है. शहर में अवैध रूप से चल रहे व्यापारिक केंद्रों पर रोक लगाने के लिए नगर परिषद ने सघन जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि नियमों की अनदेखी कर बिना वैध अनुज्ञप्ति के दुकान चलाने वालों के विरुद्ध सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

इस अभियान को धरातल पर उतारने के लिए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार रित्विक ने एक विशेष टीम का गठन किया है. नगर परिषद के सिटी मैनेजर राजमणि गुप्ता को इस टीम का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. जांच दल में कर दारोगा नरसिंह चौबे, कर्मी वाहिद हुसैन और पवन कुमार को शामिल किया गया है. यह दल शहर के मुख्य बाजारों और व्यवसायिक क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर दुकानों के निबंधन और दस्तावेजों की पड़ताल करेगा.

हजारों दुकानें, लेकिन लाइसेंस धारक दहाई में भी नहीं

शहर में ट्रेड लाइसेंस को लेकर दुकानदारों की घोर उदासीनता सामने आई है. वर्तमान में नगर क्षेत्र के भीतर लाइसेंस लेने वाले कारोबारियों की संख्या दहाई के आंकड़े को भी पार नहीं कर सकी है. स्थिति यह है कि अकेले नगर परिषद द्वारा विभिन्न व्यवसायों के लिए आवंटित लगभग सवा सौ दुकानों में से भी अधिकांश का नवीनीकरण तक नहीं कराया गया है. वहीं पूरे शहर में संचालित छोटी-बड़ी दुकानों की संख्या हजारों में है, जो बिना किसी निबंधन के चल रही हैं.

दुकानों की होगी भौतिक जांच, पार्किंग व्यवस्था भी परखी जाएगी

इस बार नगर परिषद केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहेगा. नए लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले दुकानदारों के प्रतिष्ठानों की भौतिक जांच का भी कड़ा प्रावधान किया गया है. गठित टीम मौके पर जाकर मुआयना करेगी कि संबंधित दुकान या शोरूम के पास ग्राहकों के लिए समुचित पार्किंग की व्यवस्था है या नहीं. यदि दुकान के बाहर वाहनों के जमावड़े से सड़क पर जाम या राहगीरों को असुविधा होती पाई गई, तो ऐसे मामलों में लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाई जा सकती है.

क्या कहता है बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007?

बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत नगर निकाय सीमा के अंदर किसी भी प्रकार का व्यापार अथवा वाणिज्यिक गतिविधि चलाने के लिए पूर्व अनुमति (ट्रेड लाइसेंस) लेना अनिवार्य है. बिना लाइसेंस व्यवसाय चलाना गैरकानूनी श्रेणी में आता है. नियमों का उल्लंघन करने पर दैनिक जुर्माना लगाने, प्रतिष्ठान की संपत्ति जब्त करने अथवा दुकान को सील करने का वैधानिक प्रावधान है.

ट्रेड लाइसेंस प्रतिष्ठान को वैधानिक पहचान देने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करता है कि व्यवसाय से जनस्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा न हो. इससे प्राप्त होने वाले राजस्व का उपयोग शहर की स्वच्छता, पथ प्रकाश और बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाता है.

सिटी मैनेजर राजमणि गुप्ता ने कहा कि निकाय का मकसद व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं, बल्कि शहर की व्यावसायिक गतिविधियों को नियमों के दायरे में लाना है. जो दुकानदार बार-बार निर्देश के बाद भी नियमों की अवहेलना करेंगे, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई तय है.












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