अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किए जाने और योजना विभाग से निर्माण की स्वीकृति मिलने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हो सका है. फिलहाल मामला सदर एसडीएम के न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है.
- पूर्व सदर विधायक की अनुशंसा पर स्वीकृत हुई योजना, सीओ ने सरकारी जमीन बताते हुए जारी किया अनापत्ति प्रमाण पत्र
- एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है मामला, दोबारा रिपोर्ट तलब, जल्द निर्णय लेने की बात कही
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: नगर के श्री कृष्ण नगर कॉलोनी में प्रस्तावित सड़क निर्माण का मामला प्रशासनिक प्रक्रिया में उलझ गया है. करीब 25 दिन पहले बक्सर के अंचल अधिकारी (सीओ) द्वारा सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किए जाने और योजना विभाग से निर्माण की स्वीकृति मिलने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हो सका है. फिलहाल मामला सदर एसडीएम के न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है.
श्री कृष्ण नगर कॉलोनी निवासी रिंकू चौबे ने बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूर्व सदर विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी की अनुशंसा पर इस सड़क योजना को आगे बढ़ाया गया था. अंचल अधिकारी द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने के बाद योजना विभाग ने भी निर्माण कार्य की स्वीकृति दे दी है. इसके बावजूद एसडीएम न्यायालय में धारा 107 की कार्रवाई लंबित रहने के कारण सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है.
रिंकू चौबे ने बताया कि जिस मार्ग पर सड़क प्रस्तावित है, उसी रास्ते से श्री कृष्ण नगर कॉलोनी के लगभग 150 घरों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं. सड़क नहीं होने से स्थानीय लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि यह सड़क कॉलोनी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसका निर्माण जनहित से जुड़ा विषय है.
उन्होंने बताया कि अंचल अधिकारी ने अपनी जांच में स्पष्ट किया है कि संबंधित स्थल पर पहले तड़का डाला गया था. उनके अनुसार, इससे यह स्पष्ट होता है कि संबंधित भूमि सरकारी है. इसके बावजूद कुछ लोगों की आपत्ति के कारण मामला न्यायालय में लंबित है.
रिंकू चौबे ने आरोप लगाया कि वर्ष 1980 में भी उनके पड़ोसी द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया था, जिसे बाद में छोड़ना पड़ा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों द्वारा रिहायशी इलाके में कबाड़ी का व्यवसाय संचालित किया जा रहा है. उनके अनुसार, इससे धूल-मिट्टी, शोर-शराबा और प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती है तथा भविष्य में आगजनी जैसी किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि सड़क निर्माण का समर्थन करने पर अतिक्रमणकारियों द्वारा उन्हें जान से मारने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है.
वहीं, इस मामले में सदर एसडीएम अविनाश कुमार ने बताया कि मामला उनके न्यायालय में विचाराधीन है. उन्होंने कहा कि अंचल अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन प्राप्त रिपोर्ट पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी. इसलिए दोबारा विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है. उन्होंने कहा कि मामला जनसरोकार से जुड़ा हुआ है और सभी तथ्यों की जांच के बाद जल्द उचित निर्णय लेते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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