बक्सर से लंबी दूरी की ट्रेनों का रास्ता होगा आसान, स्टेशन पर बन रही 2 करोड़ रुपये की त्वरित जल प्रणाली ..

क्विक वाटरिंग सिस्टम शुरू होने के बाद बक्सर स्टेशन से प्रारंभ होने वाली ट्रेनों में यहीं पर पानी भरने की सुविधा उपलब्ध होगी. इससे भविष्य में बक्सर से लंबी दूरी की नई ट्रेनों के संचालन की दिशा में रेलवे को तकनीकी रूप से बड़ी सुविधा मिलेगी. 



                             


  • एक लाख गैलन क्षमता का विशाल वॉटर टैंक होगा तैयार
  • अक्टूबर 2026 तक पूरा होगा काम, मिनटों में ट्रेनों के कोचों में भरा जाएगा पानी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : रेलवे स्टेशन पर रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है. स्टेशन पर ट्रेनों के कोचों में कम समय में पानी भरने के लिए अत्याधुनिक त्वरित जल प्रणाली (क्विक वाटरिंग सिस्टम) विकसित की जा रही है. रेल के मेकेनिकल विभाग की ओर से करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद बक्सर स्टेशन से लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं और मजबूत होंगी.

परियोजना के तहत प्लेटफार्म संख्या 2 और 3 के पश्चिमी छोर पर एक लाख गैलन क्षमता का विशाल वॉटर टैंक बनाया जा रहा है. यही वॉटर टैंक पूरे क्विक वाटरिंग सिस्टम का मुख्य केंद्र होगा. इसके साथ ही प्लेटफार्मों के किनारे कोच वाटरिंग पाइपलाइन और वाटर हाइड्रेंट लगाए जा रहे हैं. इनकी मदद से ट्रेनों के सभी कोच की पानी की टंकियों में एक ही साथ पानी भरा जा सकेगा. रेलवे ने इस पूरे कार्य को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है.

मिनटों में पूरी ट्रेन में भरा जा सकेगा पानी

रेलवे अधिकारियों के अनुसार क्विक वाटरिंग सिस्टम का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पूरी ट्रेन के सभी कोचों में एक साथ और लगभग 10 मिनट के बेहद कम समय में पानी भरा जा सकेगा. अभी कई स्टेशनों पर पानी भरने की प्रक्रिया में अधिक समय लगता है, जिससे ट्रेनों के ठहराव की अवधि भी बढ़ जाती है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद जलापूर्ति तेज, व्यवस्थित और अधिक प्रभावी हो जाएगी. इससे ट्रेनों के परिचालन में भी सुधार आएगा.

बक्सर से लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन को मिलेगा बल

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी स्टेशन से लंबी दूरी की ट्रेन शुरू करने के लिए पर्याप्त जलापूर्ति व्यवस्था अनिवार्य होती है. क्विक वाटरिंग सिस्टम शुरू होने के बाद बक्सर स्टेशन से प्रारंभ होने वाली ट्रेनों में यहीं पर पानी भरने की सुविधा उपलब्ध होगी. इससे भविष्य में बक्सर से लंबी दूरी की नई ट्रेनों के संचालन की दिशा में रेलवे को तकनीकी रूप से बड़ी सुविधा मिलेगी. लंबे समय से जिले के लोग बक्सर से नई ट्रेनों की मांग कर रहे हैं और यह परियोजना उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

एक लाख गैलन क्षमता का विशाल वॉटर टैंक बनेगा आधार

प्लेटफार्म संख्या 2 और 3 के पश्चिमी छोर पर बनाया जा रहा एक लाख गैलन क्षमता का विशाल वॉटर टैंक इस पूरी व्यवस्था की रीढ़ होगा. इसी टैंक से पाइपलाइन के माध्यम से प्लेटफार्मों पर स्थापित वाटर हाइड्रेंट तक पानी पहुंचेगा. वहां से विशेष पाइपों की सहायता से सीधे ट्रेनों के कोचों की पानी की टंकियों में जलापूर्ति की जाएगी. इस आधुनिक व्यवस्था से एक साथ कई डिब्बों में तेजी से पानी भरना संभव होगा और ट्रेनों को अधिक देर तक स्टेशन पर खड़ा रखने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

अक्टूबर 2026 तक पूरा होगा निर्माण

रेलवे के मेकेनिकल विभाग की देखरेख में निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद बक्सर रेलवे स्टेशन आधुनिक कोच जलापूर्ति सुविधा वाले प्रमुख स्टेशनों में शामिल हो जाएगा. इससे न केवल स्टेशन की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में बक्सर से लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन का मार्ग भी और अधिक प्रशस्त होगा. यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ बक्सर रेलवे स्टेशन की उपयोगिता और महत्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी.













Post a Comment

0 Comments