चौसा को मिली विकास योजनाओं की बड़ी सौगात : स्कूल भवन, खेल मैदान, नगर भवन के साथ रोजगार और पर्यावरण पर भी बड़ा फैसला ..

चौसा थर्मल पावर प्लांट की आर एंड आर योजना के तहत सीएसआर फंड से विभिन्न गांवों में चापानल लगाने का निर्णय लिया गया, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल की बेहतर सुविधा मिल सके.



                             


  • आर एंड आर बैठक में शिक्षा, खेल, आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय रोजगार को लेकर कई अहम निर्णय 
  • सीएसआर फंड से लगाए जाएंगे चापानल और प्रदूषण निगरानी के लिए लगेगी एलईडी डिस्प्ले

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : चौसा थर्मल पावर परियोजना के आर एंड आर (पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन) योजना के तहत गुरुवार को समाहरणालय में आयोजित बैठक में चौसा नगर पंचायत एवं परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. सांसद सह आर एंड आर अध्यक्ष सुधाकर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षा, खेल, आधारभूत सुविधाओं, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के रोजगार को लेकर कई योजनाओं को मंजूरी दी गई.

बैठक में मौजूद चेयरमैन प्रतिनिधि सह पूर्व जिला पार्षद डॉ मनोज कुमार यादव ने बताया कि आदर्श उच्च विद्यालय, चौसा के नए भवन निर्माण के लिए लगभग 9.30 करोड़ रुपये तथा बालिका उच्च विद्यालय, चौसा के नए भवन निर्माण के लिए लगभग 7.65 करोड़ रुपये की डीपीआर को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है. अब दोनों योजनाओं की निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू होगी.

नगर पंचायत क्षेत्र के लिए लगभग 35 लाख रुपये की लागत से शव वाहन उपलब्ध कराने, श्मशान घाट पर दो हाई मास्ट लाइट लगाने तथा अखौरीपुर गोला में लगभग 2.64 करोड़ रुपये की लागत से नगर भवन निर्माण को भी मंजूरी दी गई. वहीं बनारपुर और सिकरौल में खेल मैदान निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया गया है.

बैठक में परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में 12 से 15 स्थानों पर हाई मास्ट लाइट लगाने की स्वीकृति भी दी गई. इसके अलावा चौसा थर्मल पावर प्लांट की आर एंड आर योजना के तहत सीएसआर फंड से विभिन्न गांवों में चापानल लगाने का निर्णय लिया गया, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल की बेहतर सुविधा मिल सके.

पर्यावरण संरक्षण और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण की निगरानी के लिए एलईडी स्क्रीन युक्त डिस्प्ले बोर्ड लगाने का भी फैसला लिया गया. इस डिस्प्ले बोर्ड पर वायु गुणवत्ता और प्रदूषण से संबंधित आंकड़े प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोग भी पर्यावरण की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.

बैठक में स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी विशेष जोर दिया गया. सांसद सुधाकर सिंह ने अधिकारियों और परियोजना प्रबंधन को निर्देश दिया कि परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए. साथ ही जो युवक अभी अकुशल (अनस्किल्ड) हैं, उन्हें प्रशिक्षण देकर कुशल (स्किल्ड) बनाया जाए, ताकि उन्हें परियोजना और अन्य क्षेत्रों में स्थायी रोजगार मिल सके.

डॉ मनोज कुमार यादव ने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णयों से चौसा नगर पंचायत एवं परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, खेल, पेयजल, आधारभूत सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से चौसा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी.













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