कहा कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि पार्टी छात्रों की न्यायोचित मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है और राहुल गांधी लगातार छात्रों के अधिकारों की आवाज उठाते रहे हैं.
- राहुल गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में भी गूंजे सरकार विरोधी नारे
- नेताओं ने कहा- छात्रों, किसानों और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में बुधवार को बक्सर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले पहले बक्सर पुलिस चौकी के समीप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया. इसके बाद जिला कांग्रेस अति पिछड़ा प्रकोष्ठ और किसान प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में भगत सिंह चौक से कैंडल मार्च निकालकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया. दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ युवा, किसान और स्थानीय नागरिक शामिल हुए.
पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व प्रदेश सचिव कामेश्वर पांडे ने किया, जबकि संचालन यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष लक्ष्मण उपाध्याय ने किया. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है. वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए और छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए.
दूरभाष के माध्यम से जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि पार्टी छात्रों की न्यायोचित मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है और राहुल गांधी लगातार छात्रों के अधिकारों की आवाज उठाते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इतिहास में छात्रों के आंदोलनों ने हमेशा बड़े परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है.
शाम को भगत सिंह चौक पर आयोजित कैंडल मार्च की शुरुआत शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर लोकतंत्र, संविधान और छात्रों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया. कैंडल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.
कार्यक्रम का संयुक्त नेतृत्व जिला कांग्रेस अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विनोद कुशवाहा और जिला कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संजय पांडे ने किया. सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास हो रहा है. उनका कहना था कि छात्रों, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों जैसे जनसरोकार के मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है.
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे ने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई सरकारें देखी हैं, लेकिन अहंकार और दमन की राजनीति कभी स्थायी नहीं रही. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है. वहीं प्रदेश कांग्रेस के सदस्य डॉ. प्रमोद ओझा ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान और संविधान की मर्यादा की रक्षा प्रत्येक नागरिक का दायित्व है.
दोनों कार्यक्रमों में सतेंद्र ओझा, गोपाल त्रिवेदी, संजय पांडे, विनोद मौर्य, कमल पाठक, गणेश पांडे, राजा तिवारी, निर्मला देवी, भोला ओझा, संजय कुमार दुबे, महिमा उपाध्याय, रविंद्र राय, राकेश कुमार राय, ललन प्रसाद, यतींद्र गुप्ता, बिजेंदर गिरी, जय राम राम, वीरेंद्र राम, विनोद सिंह, त्रियोग मिश्रा, शिवाकांत मिश्रा, अजय ओझा, मोहम्मद अली, रामसुरेश पासवान, हरेन्द्र राम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
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