रजिस्ट्री ऑफिस : ‘ऑफिस खर्च’ का खेल! चालान जमा करने के बाद भी खत्म नहीं होती जेब ढीली करने की कहानी ..

पड़ताल में अवैध वसूली से जुड़े कई दावे सामने आए. बातचीत के दौरान बताया गया कि सामान्य रजिस्ट्री के लिए भी चालान की राशि से अलग करीब 5 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक अतिरिक्त रकम मांगी जाती है. 






                             


  • हर रजिस्ट्री पर 5 से 10 हजार की वसूली, कथित कातिब ने बताया - हर टेबल के नाम पर तय है रकम
  • 76 हजार का चालान, फिर मांगे गए 13 हजार रुपये; छह महीने में करोड़ों की कमाई का भी दावा

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए सरकारी शुल्क और चालान की राशि जमा करने के बाद भी कथित तौर पर ‘ऑफिस खर्च’, कंप्यूटर ऑपरेटर, भौतिक सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है. एक शिकायत के बाद दैनिक भास्कर की टीम द्वारा की गई पड़ताल में अवैध वसूली से जुड़े कई दावे सामने आए. बातचीत के दौरान बताया गया कि सामान्य रजिस्ट्री के लिए भी चालान की राशि से अलग करीब 5 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक अतिरिक्त रकम मांगी जाती है. जमीन की प्रकृति या निबंधन प्रक्रिया में किसी तरह की पेचीदगी होने पर यह रकम कथित तौर पर और बढ़ सकती है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

76 हजार का चालान, फिर मांगे गए 13 हजार रुपये

मामले की शिकायत करने वाले झोनश्वर ने बताया कि उन्होंने कथकौली मैदान के समीप जमीन की रजिस्ट्री कराई थी. इसके लिए उन्होंने सरकारी चालान के रूप में करीब 76 हजार रुपये जमा किए. उनका आरोप है कि चालान जमा करने के बाद रजिस्ट्री ऑफिस के कर्मियों और कातिब की ओर से ‘ऑफिस खर्च’ के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग की गई. उन्हें बताया गया कि यह राशि ऑफिस के कंप्यूटर ऑपरेटर को दी जाएगी. रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए मजबूरी में उन्हें 13 हजार रुपये अतिरिक्त देने पड़े.

रजिस्ट्री कराने वालों से 7 से 8 हजार तक लेने का दावा

बातचीत के दौरान एक कथित कातिब ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों से भौतिक सत्यापन, ओटीपी, कंप्यूटर ऑपरेटर और ऑफिस खर्च के नाम पर 7 से 8 हजार रुपये तक अतिरिक्त लिए जाते हैं. अगर जमीन की प्रकृति को लेकर कोई पेचीदगी हो या उसे छिपाने का मामला हो तो कथित तौर पर यह रकम और बढ़ जाती है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

हर टेबल के नाम पर कथित तौर पर तय है रकम

बातचीत के दौरान एक अन्य कातिब ने भी रजिस्ट्री ऑफिस में अतिरिक्त रकम लिए जाने का दावा किया. उसके मुताबिक चालान की राशि से अलग 10 हजार रुपये तक देने पड़ सकते हैं. उसका कहना था कि ऑफिस में अलग-अलग टेबल के नाम पर कथित तौर पर रकम तय है. इसके अलावा कातिब और जांच के साथ ऑफिस खर्च भी इसी में शामिल बताया गया.

‘बड़े साहेब’ तक पैसे पहुंचाने की भी कही गई बात

कथित कातिब ने यह भी दावा किया कि अतिरिक्त वसूली के दौरान कहा जाता है कि इसमें किसी ‘बड़े साहेब’ तक भी पैसे पहुंचाने हैं. हालांकि, उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि वास्तव में किसी अधिकारी तक राशि पहुंचती है या नहीं और कथित वसूली में किसका कितना हिस्सा होता है.

छह महीने में करोड़ों की कमाई का दावा

बातचीत में कथित कातिब ने रजिस्ट्री ऑफिस में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर की कथित कमाई को लेकर भी बड़ा दावा किया. उसके अनुसार महज छह महीने में कंप्यूटर ऑपरेटर की आमदनी करोड़ों रुपये तक पहुंचने की बात कही गई. हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

अधिकारी ने कहा - ऐसी कोई जानकारी नहीं

मामले में सब रजिस्ट्रार अमित कुमार ने कहा कि इस तरह की कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी. वहीं, सामने आए आरोपों ने रजिस्ट्री ऑफिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि जांच में कथित अतिरिक्त वसूली के दावों की सच्चाई क्या सामने आती है.













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