11:20 बजे बक्सर स्टेशन पर नियमित जांच अभियान चल रहा था. इसी दौरान प्लेटफार्म नंबर एक पर नए फुट ओवरब्रिज के पास पांच बैग और झोले लावारिस हालत में दिखाई दिए.

- फुट ओवरब्रिज के पास लावारिस पड़े बैगों ने खींचा आरपीएफ का ध्यान, खुलते ही सामने आया शराब का खेल
- 368 टेट्रा पैक में मिली 66.24 लीटर शराब, 47,840 रुपये की खेप छोड़कर कौन हुआ फरार?
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : गुरुवार की दोपहर बक्सर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 20802 के रवाना होने के बाद प्लेटफार्म नंबर एक पर सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था. लेकिन नए फुट ओवरब्रिज के पास पड़े पांच लावारिस बैगों ने अचानक पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया. आसपास कोई बैग लेने वाला नहीं था और न ही कोई उन पर अपना दावा कर रहा था. आरपीएफ की नजर जब इन बैगों पर पड़ी तो जांच शुरू हुई और बैग खुलते ही ऐसा राज सामने आया कि जवान भी हैरान रह गए.
बैगों में कपड़े, घरेलू सामान या यात्रियों का सामान नहीं, बल्कि शराब के टेट्रा पैक भरे हुए थे. एक-एक कर बैगों की तलाशी ली गई तो ऑफिसर्स चॉइस शराब के कुल 368 टेट्रा पैक बरामद हुए. इनकी कुल मात्रा 66.24 लीटर बताई गई, जबकि कीमत करीब 47,840 रुपये आंकी गई है.
ट्रेन गई, बैग छोड़कर कौन भागा?
आरपीएफ के अनुसार 30 जुलाई को दिन में करीब 11:20 बजे बक्सर स्टेशन पर नियमित जांच अभियान चल रहा था. इसी दौरान प्लेटफार्म नंबर एक पर नए फुट ओवरब्रिज के पास पांच बैग और झोले लावारिस हालत में दिखाई दिए. खास बात यह थी कि ट्रेन संख्या 20802 स्टेशन से रवाना हो चुकी थी. इसके बाद बैगों को लेने के लिए कोई सामने नहीं आया.
यहीं से पूरा मामला सवालों के घेरे में आ गया. आखिर शराब से भरे ये पांच बैग स्टेशन तक कौन लेकर आया था? क्या शराब की खेप ट्रेन से उतारी गई थी या इसे किसी दूसरी जगह भेजने की तैयारी थी? और सबसे बड़ा सवाल, आरपीएफ की नजर पड़ने से पहले ही बैग छोड़कर कौन गायब हो गया? फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा.
बैग खुलते ही सामने आया शराब का खेल
लावारिस बैगों की जांच शुरू हुई तो उनके अंदर ऑफिसर्स चॉइस के टेट्रा पैक मिले. गिनती करने पर कुल 368 टेट्रा पैक निकले. बरामद शराब की मात्रा 66.24 लीटर और अनुमानित कीमत 47,840 रुपये है. बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण शराब का परिवहन, भंडारण और बिक्री कानूनन अपराध है.
ऐसे में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर इतनी बड़ी मात्रा में शराब का लावारिस मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था.
अब सीसीटीवी से खुलेगा राज
आरपीएफ ने बरामद शराब को जब्त कर लिया और आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी बक्सर को सौंप दिया. मामले में बिहार आबकारी संशोधन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
अब जांच की दिशा रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की ओर भी जा सकती है. फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि पांचों बैग स्टेशन पर कौन लेकर आया था और उन्हें फुट ओवरब्रिज के पास छोड़कर कौन निकल गया. यदि कैमरों में संदिग्ध व्यक्ति की तस्वीर सामने आती है तो शराब तस्करी के इस पूरे खेल का पर्दाफाश हो सकता है.
चार जवानों की टीम ने खोला राज
शराब बरामदगी की कार्रवाई करने वाली आरपीएफ टीम में उप निरीक्षक बीएस ओझा, सहायक उप निरीक्षक योगेंद्र सिंह, सहायक उप निरीक्षक उमेश कुमार राय और प्रधान आरक्षी अशोक कुमार शामिल रहे.
फिलहाल शराब की खेप तो आरपीएफ ने बरामद कर ली है, लेकिन पांच बैगों को लावारिस छोड़कर गायब होने वाला शख्स कौन था, यह सवाल अभी भी बरकरार है. अब जांच में सामने आने वाली तस्वीरें और सुराग ही बताएंगे कि इन बैगों के पीछे कौन था और आखिर शराब की यह खेप बक्सर रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंची.





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