कहा कि भारतीय सेना का मूल संस्कार राष्ट्र सर्वोपरि है. सेना में जाति, धर्म या किसी प्रकार के भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होता. यही भावना संगठन के प्रत्येक सदस्य में भी है.

- जिलाध्यक्ष डॉ. विद्यासागर चौबे बोले- जाति और धर्म से ऊपर उठकर समाज की सेवा करना ही संगठन का उद्देश्य
- देशवासियों से की आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील, कहा- तभी शहीदों के बलिदान का होगा सम्मान
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिहार राज्य इंडियन एक्स सर्विसमैन मूवमेंट (पूर्व सैनिक संघ) के जिलाध्यक्ष सूबेदार विद्यासागर चौबे ने सैनिक कल्याण के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देते हुए कहा कि पूर्व सैनिकों का संगठन केवल सैनिकों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की हर सकारात्मक पहल में बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभाता है. उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहता है और भविष्य में भी इसी भावना के साथ कार्य करता रहेगा.
हर सामाजिक कार्य में निभाएंगे जिम्मेदारी
श्री चौबे ने कहा कि समाज के किसी भी वर्ग या क्षेत्र में यदि ऐसी योजना सामने आती है, जिसमें संगठन की आवश्यकता महसूस होती है, तो बिहार राज्य इंडियन एक्स सर्विसमैन मूवमेंट बक्सर पूरी निष्ठा के साथ सहयोग करेगा. उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों ने जीवनभर देश की सेवा की है और सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज की सेवा को अपना कर्तव्य मानते हैं.
सेना की पहचान, जाति-धर्म से ऊपर
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का मूल संस्कार राष्ट्र सर्वोपरि है. सेना में जाति, धर्म या किसी प्रकार के भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होता. यही भावना संगठन के प्रत्येक सदस्य में भी है. उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों का संगठन सभी लोगों के साथ समान भाव से कार्य करता है और समाज में भी इसी सोच को मजबूत करना चाहता है.
देशवासियों से भाईचारे की अपील
जिला उपाध्यक्ष ने देश, बिहार और बक्सर के लोगों से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि समाज में बढ़ती वैमनस्यता और आपसी टकराव की प्रवृत्ति चिंताजनक है. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जाति और धर्म के नाम पर होने वाले विवादों से बचें तथा सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करें.
शहीदों के सम्मान का यही सच्चा मार्ग
उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात सैनिक "भारत माता की जय" के उद्घोष के साथ देश की रक्षा करते हैं और तिरंगे की आन-बान-शान के लिए अपने प्राणों की आहुति तक दे देते हैं. ऐसे में यदि देश के लोग आपस में ही विभाजित रहेंगे तो सैनिकों और शहीदों के बलिदान का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करना है तो समाज में प्रेम, एकता और भाईचारा बनाए रखना होगा.
एकजुट भारत से ही बनेगा मजबूत राष्ट्र
चौबे ने कहा कि जब देशवासी मिल-जुलकर रहेंगे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देंगे, तभी भारत विकास और समृद्धि के नए शिखर पर पहुंचेगा. उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की भावना ही भारत को विश्व में और अधिक मजबूत तथा गौरवशाली बनाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि मेजर डॉ पी के पांडेय के निर्देशन तथा सूबेदार मेजर हरेन्द्र तिवारी के नेतृत्व में संगठन लगातार उंचाईयों को छू रहा है.
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