कार्रवाई के दौरान झोपड़ियों और अस्थायी निर्माण को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाएं हाथ जोड़कर बरसात तक मोहलत देने की गुहार लगाती नजर आईं, लेकिन प्रशासनिक आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही.
- तीन-चार साल से चल रही थी कार्रवाई, नोटिस के बाद भी नहीं हट रहे थे लोग
- बरसात तक मोहलत मांगती रहीं महिलाएं, लेकिन नहीं रुका बुलडोजर
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : आदर्श गौशाला की जमीन पर वर्षों से बसे 101 परिवारों की झोपड़ियों को हटाने के लिए शुक्रवार को नगर परिषद की टीम जेसीबी और पुलिस बल के साथ पहुंची. कई घंटे की कार्रवाई के दौरान झोपड़ियों और अस्थायी निर्माण को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाएं हाथ जोड़कर बरसात तक मोहलत देने की गुहार लगाती नजर आईं, लेकिन प्रशासनिक आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही.
बताया जाता है कि स्टेशन रोड स्थित आदर्श गौशाला परिसर के समीप की यह जमीन कागजों में चरागाह के रूप में दर्ज है. लंबे समय से जमीन के बड़े हिस्से पर झोपड़ियां बनाकर लोग रह रहे थे. कई परिवारों ने अपने मवेशियों के लिए नाद, चारा रखने की जगह और अन्य अस्थायी व्यवस्था भी कर रखी थी.
इस जमीन को खाली कराने का मामला पिछले तीन-चार वर्षों से लोक शिकायत से लेकर अनुमंडल स्तर तक चल रहा था. प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया. अंततः जिला पदाधिकारी के निर्देश के बाद नगर परिषद को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई.
शुक्रवार को नगर परिषद के सिटी मैनेजर राजमणि गुप्ता के नेतृत्व में टीम दोपहर करीब दो बजे मौके पर पहुंची. कार्रवाई शुरू होने से पहले अधिकारियों ने वहां मौजूद लोगों को सामान हटाने का अवसर भी दिया. इसके बाद जेसीबी से झोपड़ियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई.
कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाएं अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर बरसात तक समय देने की मांग करती रहीं. उनका कहना था कि अचानक सामान हटाना मुश्किल है और उन्हें कुछ समय मिल जाए तो वे स्वयं जगह खाली कर देंगी. हालांकि अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में पहले ही कई बार नोटिस दिया जा चुका है और प्रशासनिक आदेश के अनुपालन में जमीन खाली कराई जा रही है.
सिटी मैनेजर राजमणि गुप्ता ने बताया कि आदर्श गौशाला की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर लंबे समय से कार्रवाई चल रही थी. कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी लोग जमीन खाली नहीं कर रहे थे. जिला पदाधिकारी के निर्देश के अनुपालन में नगर परिषद की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची है.
कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से यह शिकायत भी सामने आई कि कुछ लोगों ने आसपास की अपनी जमीन से आगे बढ़कर सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर रखा है. हालांकि शुक्रवार की कार्रवाई का मुख्य केंद्र आदर्श गौशाला की जमीन पर बनी झोपड़ियां रहीं.
आदर्श गौशाला परिसर में मवेशियों के लिए इस जमीन का इस्तेमाल चरागाह के रूप में किया जाता रहा है. ऐसे में अतिक्रमण हटने के बाद गौशाला की जमीन को व्यवस्थित करने और उसके उपयोग को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि शुक्रवार की कार्रवाई के बाद पूरी जमीन पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त हुई या नहीं, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है.






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