फरक्का जल संधि पर बिहार में गरजेगा जदयू, 5 सितंबर को बक्सर से शुरु होगी ‘नीतीश संवाद’ यात्रा ..

अभियान का उद्देश्य फरक्का जल संधि के कारण बिहार में पैदा हो रही बाढ़, गाद और जल प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को जनता के बीच रखना और इस मुद्दे पर व्यापक जनमत तैयार करना है. 
संजय झा के साथ अंजुम आरा 
  




                             


  • गंगा में गाद, बाढ़ और जल प्रबंधन के मुद्दे पर जनता से सीधा संवाद, चार जिलों से अभियान की शुरुआत
  • बक्सर के बाद भोजपुर, बेगूसराय और खगड़िया पहुंचेगा अभियान, प्रभावित जिलों में भी होगा व्यापक जनसंवाद

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : फरक्का जल संधि से बिहार को हो रहे नुकसान, गंगा नदी में बढ़ते गाद-जमाव, बाढ़ की विभीषिका और जल प्रबंधन की चुनौतियों को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) अब मैदान में उतरने जा रहा है. पार्टी की ओर से ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है. इस अभियान की शुरुआत 5 सितंबर को बक्सर से होगी.

यात्रा के पहले चरण में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के मार्गदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक उमेश सिंह कुशवाहा समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता जनसंवाद करेंगे. बक्सर में कार्यक्रम सेंट्रल जेल रोड स्थित बगीचा उत्सव मैरेज लॉन में आयोजित किया जाएगा.

बक्सर से उठेगी बिहार के जल-अधिकार की आवाज

जदयू के अनुसार अभियान का उद्देश्य फरक्का जल संधि के कारण बिहार में पैदा हो रही बाढ़, गाद और जल प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को जनता के बीच रखना और इस मुद्दे पर व्यापक जनमत तैयार करना है. पार्टी इसे बिहार के जल, जमीन और जनजीवन से जुड़े भविष्य का महत्वपूर्ण सवाल बता रही है.

चार जिलों में पहले चरण का कार्यक्रम

पहले चरण में 5 सितंबर को बक्सर, 6 सितंबर को भोजपुर, 8 सितंबर को बेगूसराय और 9 सितंबर को खगड़िया में जनसंवाद कार्यक्रम होगा. भोजपुर में सरैया स्थित 10+2 उच्च विद्यालय, बेगूसराय में वीपी मंडल प्रेक्षागृह सभागार और खगड़िया में शारदा फार्म हाउस को कार्यक्रम स्थल बनाया गया है.

दस जिलों तक पहुंचेगा संवाद

पार्टी की ओर से बताया गया है कि आगे सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार समेत उन जिलों में भी जनसंवाद किया जाएगा, जो फरक्का जल संधि के दुष्प्रभाव के कारण बाढ़, गाद और जल संकट जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं.

कार्यकर्ताओं से लेकर सांसदों तक की रहेगी मौजूदगी

कार्यक्रम में जिला और प्रखंड कमिटी के सदस्यों, पंचायत अध्यक्षों और विभिन्न प्रकोष्ठों के सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी, विधानमंडल दल के सदस्य और सांसद भी शामिल होंगे. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद संबंधित स्थानों पर प्रेसवार्ता भी आयोजित की जाएगी.

मुद्दा केवल बाढ़ का नहीं, बिहार के भविष्य का

जदयू ने इस अभियान के जरिए फरक्का जल संधि और उसके कथित दुष्प्रभावों को बिहार के व्यापक जल-अधिकार से जोड़ने की कोशिश की है. पार्टी का दावा है कि गंगा में गाद का बढ़ना और उससे जुड़ी बाढ़ की समस्या केवल तत्काल राहत का विषय नहीं, बल्कि बिहार की कृषि, आबादी और भविष्य की जल व्यवस्था से जुड़ा गंभीर सवाल है.













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