नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में बाढ़ से मुख्य मार्ग प्रभावित होने के बाद अब तीर्थयात्री नेपाल के रास्ते भारत लौटेंगे. सरकार और यात्रा प्रबंधन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से दारचेन से सागा, फिर न्यालम होते हुए काठमांडू पहुंचाया जाएगा.
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| चीन में मौजूद यात्रियों का दल |
- दारचेन से सागा, फिर न्यालम होते हुए 2 सितंबर को काठमांडू पहुंचेंगे यात्री
- सीमा पर इमिग्रेशन में भारी भीड़, बॉर्डर पार करने के बाद ही वापसी का टिकट बुक करने की सलाह
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए बक्सर के अहिरौली निवासी मोहन जी चौबे समेत तीर्थयात्रियों की वापसी को लेकर नया कार्यक्रम जारी किया गया है. नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में बाढ़ से मुख्य मार्ग प्रभावित होने के बाद अब तीर्थयात्री नेपाल के रास्ते भारत लौटेंगे. सरकार और यात्रा प्रबंधन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से दारचेन से सागा, फिर न्यालम होते हुए काठमांडू पहुंचाया जाएगा.
दारचेन से सागा के लिए रवाना होंगे यात्री
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार सभी यात्रियों के दारचेन पहुंचने के बाद नाश्ता कराया जाएगा. इसके बाद तीर्थयात्री सागा के लिए रवाना होंगे. दारचेन से सागा तक का सफर करीब 10 घंटे का होगा. यात्रा दल को रास्ते में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा.
1 सितंबर को सागा से न्यालम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 सितंबर को तीर्थयात्री सागा से न्यालम के लिए रवाना होंगे. सागा से न्यालम तक पहुंचने में करीब पांच घंटे लगेंगे. इसके बाद अगले चरण में नेपाल की ओर प्रस्थान किया जाएगा.
2 सितंबर को काठमांडू पहुंचने की तैयारी
2 सितंबर को यात्रियों को न्यालम से काठमांडू ले जाया जाएगा. इस दौरान इमिग्रेशन की प्रक्रिया और चीन-नेपाल सीमा पार करनी होगी. सीमा पर फिलहाल यात्रियों की भारी भीड़ होने के कारण इमिग्रेशन प्रक्रिया में काफी समय लगने की संभावना जताई गई है. इसमें पूरा दिन भी लग सकता है.
बॉर्डर पार करने के बाद ही टिकट बुक करने का निर्देश
यात्रा प्रबंधन की ओर से तीर्थयात्रियों को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि अभी अपनी भारत वापसी की हवाई या अन्य यात्रा टिकट बुक न करें. चीन-नेपाल सीमा पार करने के बाद ही वापसी का टिकट बुक करने की सलाह दी गई है, ताकि इमिग्रेशन में लगने वाले अतिरिक्त समय के कारण किसी तरह की परेशानी न हो.
परिक्रमा से लौटने वालों का सामान सागा में मिलेगा
निर्देश में यह भी बताया गया है कि जो सदस्य कैलाश की परिक्रमा पूरी कर वापस लौटेंगे, उन्हें उनके डफेल बैग सागा में उपलब्ध करा दिए जाएंगे. इसके बाद यात्रा दल आगे की वापसी प्रक्रिया पूरी करेगा.
बक्सर के मोहन जी चौबे भी इसी यात्रा दल में शामिल हैं. उनके पुत्र अभिषेक चौबे के अनुसार मोहन जी चौबे पूरी तरह सुरक्षित हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा कर रहे हैं. बाढ़ के कारण यात्रा मार्ग प्रभावित हुआ था, लेकिन अब तीर्थयात्रियों की वापसी के लिए नया मार्ग और कार्यक्रम तय कर दिया गया है.






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