मरीजों को पटना, बनारस या दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी. सदर अस्पताल परिसर में हब लैब स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है और इसके लिए अत्याधुनिक मशीनें भी अस्पताल पहुंच चुकी हैं.
- पटना-बनारस की दौड़ होगी कम, अस्पताल में पहुंचीं अत्याधुनिक मशीनें
- गांव के स्वास्थ्य केंद्रों से भी पहुंचेगा सैंपल, एक ही जगह तैयार होगी जांच रिपोर्ट
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के मरीजों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र से बड़ी राहत की खबर सामने आई है. अब पैथोलॉजी की कई महंगी और जटिल जांचों के लिए मरीजों को पटना, बनारस या दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी. सदर अस्पताल परिसर में हब लैब स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है और इसके लिए अत्याधुनिक मशीनें भी अस्पताल पहुंच चुकी हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि निर्धारित जांचें मरीजों के लिए पूरी तरह निशुल्क होंगी.
बीमारी की जांच के लिए अब नहीं करना पड़ेगा शहर से बाहर का सफर
अब तक कई ऐसी जांचें हैं, जिनके लिए बक्सर के मरीजों को निजी जांच केंद्रों या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है. इससे इलाज का खर्च बढ़ने के साथ समय भी बर्बाद होता है. हब लैब शुरू होने के बाद ऐसी परेशानियों पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है. खासकर गंभीर मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
सदर अस्पताल बनेगा जिले की जांच व्यवस्था का मुख्य केंद्र
हब लैब का संचालन लोक निजी साझेदारी यानी पीपीपी मोड पर किया जाएगा. सदर अस्पताल मुख्य हब के रूप में काम करेगा, जबकि जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अनुमंडलीय अस्पतालों से लिए गए सैंपल भी यहां पहुंचाए जाएंगे. यानी मरीज कहीं भी सैंपल दें, जांच की पूरी व्यवस्था एक ही केंद्रीय लैब से जुड़ी रहेगी.
खून की सामान्य जांच से लेकर बायोप्सी तक की तैयारी
हब लैब में सीबीसी, हीमोग्लोबिन, ईएसआर, प्लेटलेट काउंट, ब्लड ग्रुपिंग और आरएच टाइपिंग जैसी जांचें उपलब्ध होंगी. इसके अलावा ब्लड शुगर, यूरिया, क्रिएटिनिन, लीवर फंक्शन टेस्ट, यूरिक एसिड और लिपिड प्रोफाइल जैसी जैवरसायन जांच भी की जा सकेगी.
थायराइड और हार्मोन की जांच भी एक ही छत के नीचे
विशेष जांचों में थायराइड प्रोफाइल यानी टी-3, टी-4 और टीएसएच के साथ विभिन्न हार्मोनल और सीरोलॉजिकल जांच की सुविधा देने की योजना है. बायोप्सी, एफएनएसी और साइटोलॉजी जैसी जांच भी हब लैब में उपलब्ध कराने की तैयारी है. इससे मरीजों को गंभीर बीमारियों की जांच के लिए बाहर जाने की मजबूरी कम होगी.
गांव से लेकर सदर अस्पताल तक जुड़ेगी जांच व्यवस्था
इस सुविधा का फायदा सिर्फ सदर अस्पताल आने वाले मरीजों को ही नहीं मिलेगा. ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों से लिए गए सैंपल भी हब लैब तक पहुंचेंगे. इससे दूर-दराज के मरीजों को भी सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के जरिए आधुनिक पैथोलॉजी जांच का लाभ मिल सकेगा.
मशीनें पहुंचीं, अब मरीजों को शुरू होने का इंतजार
सदर अस्पताल के प्रबंधक दुष्यंत कुमार सिंह ने बताया कि हब लैब के लिए आवश्यक मशीनें अस्पताल पहुंच चुकी हैं. इसका संचालन पीपीपी मोड में किया जाएगा. हब एंड स्पोक मॉडल के तहत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से सैंपल यहां जांच के लिए आएंगे और निर्धारित जांच मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी.
सिविल सर्जन बोले- बाहर जाने की मजबूरी होगी कम
सिविल सर्जन शिवकुमार प्रसाद चक्रवर्ती ने कहा कि हब लैब शुरू होने से जिले के मरीजों को आधुनिक जांच की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलेगी. कई ऐसी जांचें, जिनके लिए अभी मरीजों को बाहर जाना पड़ता है, उन्हें बक्सर में उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है. सरकारी व्यवस्था के तहत मरीजों को निशुल्क जांच का लाभ मिलेगा.






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