वीडियो : अब नहीं रुकेगा आंदोलन, इटाढ़ी रेल समपार फाटक पर 7 अगस्त को रेल चक्का जाम, कांग्रेस भी उतरी मैदान में ..

घोषणा की है कि कांग्रेस आम जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रेल चक्का जाम में शामिल होगी. उनका कहना है कि यह किसी दल का नहीं, बल्कि पूरे बक्सर की जनता के अधिकार और सुविधा का सवाल है.

 





                             

- एक महीने से बंद फाटक पर जनता का सब्र टूटा

- संघर्ष मोर्चा बोला- इस बार आर या पार

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : इटाढ़ी रेल समपार फाटक बंद हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं. धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन और अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता के बाद भी समाधान नहीं निकलने पर आंदोलनकारियों ने अब 7 अगस्त को दोपहर 12 बजे हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर रेल चक्का जाम करने का ऐलान कर दिया है.

इस आंदोलन को अब बड़ा राजनीतिक समर्थन भी मिल गया है. जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने घोषणा की है कि कांग्रेस आम जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रेल चक्का जाम में शामिल होगी. उनका कहना है कि यह किसी दल का नहीं, बल्कि पूरे बक्सर की जनता के अधिकार और सुविधा का सवाल है.

रोज एक लाख लोगों की रफ्तार पर ब्रेक

पंकज उपाध्याय ने कहा कि रेल उपरिगामी पुल में तकनीकी खामी के बाद रेल समपार फाटक बंद कर दिया गया, लेकिन एक महीने बाद भी इसे खोलने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उनका दावा है कि प्रतिदिन करीब एक लाख लोग इस मार्ग के बंद रहने से प्रभावित हो रहे हैं. विद्यार्थी, किसान, व्यापारी, मरीज और नौकरीपेशा लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है.

वादे बहुत हुए, अब फैसला चाहिए

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन, मंडल रेल प्रबंधक और रेलवे अधिकारियों से कई दौर की बातचीत और ज्ञापन के बावजूद केवल आश्वासन मिले. पिछली बार भी प्रशासन के भरोसे पर आंदोलन स्थगित किया गया था, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ. अब जनता का धैर्य जवाब दे चुका है.

सरोज राजभर का अल्टीमेटम

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने कहा कि रेल समपार फाटक बंद होने से छात्रों, किसानों, व्यापारियों, महिलाओं, मरीजों और सावन में जलाभिषेक के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी संगठन की नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है. जब तक फाटक नहीं खुलेगा, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा. यदि 7 अगस्त से पहले रेलवे और जिला प्रशासन ने ठोस निर्णय नहीं लिया, तो रेल चक्का जाम हर हाल में किया जाएगा.

7 अगस्त को होगी निर्णायक लड़ाई

सरोज राजभर और पंकज उपाध्याय ने साफ कहा कि अब फैसला रेलवे और प्रशासन को करना है. यदि समय रहते रेल समपार फाटक नहीं खोला गया, तो 7 अगस्त को दोपहर 12 बजे हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर रेल चक्का जाम कर आंदोलन को निर्णायक मोड़ दिया जाएगा. हालांकि, इस घोषणा पर जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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