बक्सर की 78 साल पुरानी मिठास अब गोलंबर पर, ‘बद्री नारायण पापड़ी वाले’ के नए प्रतिष्ठान से देश-विदेश तक पहुंचेगा वही शानदार स्वाद ..

बताया कि उनके पिता स्वर्गीय बद्री नारायण जी ने वर्ष 1948 में एक अलग तरह की मिठाई तैयार करने का प्रयास शुरू किया था. कई प्रयासों के बाद तैयार हुई मिठाई को ‘पापड़ी’ नाम दिया गया. 





                             


  • सावन की अंतिम सोमवारी पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भव्य शुभारंभ
  • यूपी, दिल्ली और दूसरे राज्यों को जाने वालों को अब शहर में प्रवेश किए बिना मिलेगी बक्सर की मशहूर पापड़ी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले की पहचान बन चुकी वर्ष 1948 की पारंपरिक मिठास अब शहर के गोलंबर पर भी उपलब्ध होगी. सावन की अंतिम सोमवारी के पावन अवसर पर गोलंबर के समीप बद्री नारायण पापड़ी वाले के नए प्रतिष्ठान का वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भव्य शुभारंभ किया गया. नए केंद्र के खुलने से स्थानीय ग्राहकों के साथ एनएच के रास्ते उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बक्सर की प्रसिद्ध पापड़ी का स्वाद आसानी से मिल सकेगा.

आचार्य गोविंद दुबे ने किया विधिवत उद्घाटन

श्री श्री त्रिलोकीनाथ जी महाराज श्रीनाथ बाबा जी के आशीर्वाद से आयोजित समारोह की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठान से हुई. इसके बाद दोपहर 12 बजे सुप्रसिद्ध विद्वान एवं भागवताचार्य आचार्य गोविंद दुबे महाराज के कर कमलों से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रिबन काटकर नए प्रतिष्ठान का औपचारिक उद्घाटन किया गया. उद्घाटन के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला.

1948 में शुरू हुई कहानी, आज बक्सर की पहचान

प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर मदन प्रसाद गुप्ता ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय बद्री नारायण जी ने वर्ष 1948 में एक अलग तरह की मिठाई तैयार करने का प्रयास शुरू किया था. कई प्रयासों के बाद तैयार हुई मिठाई को ‘पापड़ी’ नाम दिया गया. बक्सर में तैयार यह पारंपरिक मिठाई देखते ही देखते लोगों की पसंद बन गई और धीरे-धीरे इसकी पहचान बक्सर से बाहर तक पहुंच गई.

गोलंबर बना बाहर से आने वालों के लिए नया पड़ाव

मदन प्रसाद गुप्ता ने बताया कि गोलंबर स्थित नया प्रतिष्ठान खासतौर पर हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है. अब गाजीपुर, वाराणसी, दिल्ली, पटना और अन्य राज्यों की ओर जाने वाले लोगों को बक्सर की प्रसिद्ध पापड़ी लेने के लिए शहर के अंदर आने की जरूरत नहीं होगी. गोलंबर पर ही उन्हें प्रतिष्ठान की सुविधा मिल जाएगी.

देश ही नहीं, विदेशों तक पहुंच रहा बक्सर का स्वाद

उन्होंने बताया कि बद्री नारायण पापड़ी की मांग देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों तक भी है. ग्राहकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग और डिलीवरी की व्यवस्था को भी बढ़ाया जा रहा है. फोन या ऑनलाइन माध्यम से ऑर्डर कर दूर रहने वाले ग्राहक भी अपने पसंदीदा उत्पाद मंगा सकेंगे.

पारंपरिक स्वाद और भरोसा ही सबसे बड़ी पहचान

मदन प्रसाद गुप्ता ने कहा कि वर्षों से ग्राहकों का भरोसा और पापड़ी का पारंपरिक स्वाद ही प्रतिष्ठान की सबसे बड़ी पहचान रहा है. नई दुकान की शुरुआत इसी परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है. गोलंबर जैसे प्रमुख स्थान पर नया केंद्र खुलने से बक्सर की करीब आठ दशक पुरानी मिठास अब गुजरने वाले यात्रियों तक भी और आसानी से पहुंच सकेगी.













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