करीब चार दशक से बक्सर व्यवहार न्यायालय में वकालत कर रहे थे. पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे रामाशंकर ओझा की हालत बिगड़ने पर उनका बीएचयू में इलाज कराया जा रहा था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.

- बीएचयू में इलाज के दौरान निधन से अधिवक्ता जगत में शोक, आज न्यायालय में रहेगा नो-वर्क
- अधिवक्ता संघ के महासचिव डॉ बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय ने दी जानकारी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : व्यवहार न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता रामाशंकर ओझा का वाराणसी स्थित बीएचयू में इलाज के दौरान निधन हो गया. वे करीब चार दशक से बक्सर व्यवहार न्यायालय में वकालत कर रहे थे. पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे रामाशंकर ओझा की हालत बिगड़ने पर उनका बीएचयू में इलाज कराया जा रहा था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.
चार दशक तक अदालत में निभाई जिम्मेदारी
रामाशंकर ओझा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र के उजियार गांव निवासी राज नारायण ओझा के पुत्र थे. लंबे समय से बक्सर में रहकर वे व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में सेवाएं दे रहे थे. करीब 40 वर्षों के अपने वकालत के सफर में उन्होंने न्यायालय में अपनी अलग पहचान बनाई.
पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया. पत्नी अशोका देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. रामाशंकर ओझा के एक पुत्र और एक पुत्री हैं, दोनों की शादी हो चुकी है. परिजनों और परिचितों के बीच उनके निधन से शोक की लहर है.
आज न्यायालय में रहेगा नो-वर्क
अधिवक्ता संघ के महासचिव बिन्देश्वर पाण्डेय उर्फ पप्पू पाण्डेय ने बताया कि रामाशंकर ओझा के निधन के शोक में शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय में नो-वर्क रहेगा. उन्होंने अधिवक्ता के निधन को न्यायिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया.





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