बक्सर कोर्ट में भावुक कर गया विदाई का पल, सीमा रंजन के जाने पर छलकी सहकर्मियों की आंखें ..

उन्होंने अपने कार्यकाल में जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया और सहकर्मियों के साथ हमेशा सहयोगपूर्ण व्यवहार रखा. उनके स्थानांतरण से न्यायालय एक अनुभवी और कानून की बारीकियों से अवगत कर्मी से वंचित होगा. 





                             


  • वर्षों की सेवा के बाद पटना न्यायमंडल के लिए रवाना हुईं वरिष्ठ आशुलिपिक, सहकर्मियों ने कहा- आपकी कमी हमेशा खलेगी
  • किसी ने कहा ‘अभिभावक’, किसी ने बताया ‘सखी’, माला-पुष्पगुच्छ से सम्मानित कर दी गई भावभीनी विदाई

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : व्यवहार न्यायालय, बक्सर में सोमवार को माहौल कुछ अलग था. रोज की तरह न्यायिक कामकाज चल रहा था, लेकिन न्यायालय परिसर में एक ऐसी विदाई का पल आया, जिसने सहकर्मियों को भावुक कर दिया. वरिष्ठ आशुलिपिक सीमा रंजन के पटना न्यायमंडल में स्थानांतरण पर आयोजित विदाई समारोह में न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. इस दौरान उनकी कार्यकुशलता के साथ उनके आत्मीय और सहयोगपूर्ण व्यवहार को याद करते हुए सहकर्मियों ने कहा कि उनके जाने के बाद न्यायालय में उनकी कमी महसूस होगी.

प्रभारी प्रशासन न्यायालय राजीव कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सीमा रंजन न्यायिक कार्यों की गहरी समझ रखने वाली तेज-तर्रार और कुशल आशुलिपिक रही हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल में जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया और सहकर्मियों के साथ हमेशा सहयोगपूर्ण व्यवहार रखा. उनके स्थानांतरण से न्यायालय एक अनुभवी और कानून की बारीकियों से अवगत कर्मी से वंचित होगा.

प्रधान लिपिक संजय कुमार ने कहा कि स्थानांतरण खुशी का भी अवसर है, क्योंकि सीमा रंजन अपने घर जा रही हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि पटना न्यायमंडल में भी वह अपनी कार्यकुशलता की अलग पहचान बनाएंगी और सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल करेंगी.

न्यायब नाजिर दीपक गुप्ता ने कहा कि सीमा रंजन न्यायालय की वरिष्ठ महिला आशुलिपिकों में रही हैं. उनके जाने से महिला कर्मचारियों ने एक सहकर्मी के साथ-साथ अभिभावक, मार्गदर्शक और सखी को भी खो दिया है. कार्यस्थल पर उनका व्यवहार हमेशा आत्मीय और सहयोगात्मक रहा.

विदाई समारोह में जीआर क्लर्क धनंजय कुमार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सीमा रंजन को सम्मानित किया. प्रियंका कुमारी ने कहा कि सीमा रंजन केवल सहकर्मी नहीं थीं, बल्कि महिला कर्मचारियों के लिए अभिभावक की तरह थीं. उनके साथ बिताए कार्यकाल की यादें हमेशा बनी रहेंगी.

इस दौरान अमरेंद्र भारती, मनोज कुमार शर्मा, देवकांत पासवान, सन्नी, सौरव दीक्षित, अरविन्द कुमार, सुभाष कुमार सिन्हा, नूतन, प्रियंका, रागिनी, चंदन, मणि कुमार, घनश्याम कुमार सहित बड़ी संख्या में न्यायालयकर्मी मौजूद रहे. सहकर्मियों ने माला पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सीमा रंजन को सम्मानित किया तथा पटना न्यायमंडल में उनके नए कार्यकाल के लिए सुखद, सफल और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.













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