क्विज में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता सेनानियों, 1857 के विद्रोह, राष्ट्रवादी आंदोलनों, देशभक्ति, स्वतंत्रता से जुड़ी पुस्तकों और फिल्मों समेत आजादी के संघर्ष से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे गए.
सवाल इतिहास के, मुकाबला ज्ञान का और जज्बा आजादी वाला, चारों हाउस के छात्रों के बीच हुई जोरदार क्विज जंग
15 अगस्त को विजेता हाउस और प्रतिभागियों को मिलेगा सम्मान, स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े सवालों ने बढ़ाया रोमांच
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर: स्वतंत्रता दिवस के जश्न को ज्ञान, प्रतिभा और राष्ट्रप्रेम से जोड़ते हुए हेरिटेज स्कूल, अर्जुनपुर में शुक्रवार को ‘जुनून-ए-आजादी’ फ्रीडम क्विज कॉन्टेस्ट के ग्रैंड फिनाले का भव्य आयोजन हुआ. राउंड टेबल क्विज में कक्षा 8, 9 और 10 के विद्यार्थियों ने इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति से जुड़े सवालों पर अपनी तेज बुद्धि और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया.
विद्यालय के चार हाउस—स्वामी विवेकानंद हाउस, विश्वामित्र हाउस, आर्यभट्ट हाउस और ए.पी.जे. अब्दुल कलाम हाउस—के चयनित विद्यार्थियों ने ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लिया. प्रतियोगिता के पहले चरण में आयोजित लिखित परीक्षा के आधार पर प्रत्येक हाउस और वर्ग से प्रतिभागियों का चयन किया गया था.
स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े सवालों ने बढ़ाया रोमांच
क्विज में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता सेनानियों, 1857 के विद्रोह, राष्ट्रवादी आंदोलनों, देशभक्ति, स्वतंत्रता से जुड़ी पुस्तकों और फिल्मों समेत आजादी के संघर्ष से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे गए. प्रतिभागियों ने तेजी से जवाब देकर अपनी ऐतिहासिक एवं समसामयिक जानकारी का परिचय दिया.
15 अगस्त को खुलेगा विजेताओं के सम्मान का मंच
प्रतियोगिता में सफल रहने वाले विद्यार्थियों और विजेता हाउस को 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा. इससे विद्यार्थियों में प्रतियोगिता को लेकर उत्साह और बढ़ गया है.
मुख्य अतिथियों ने बढ़ाया विद्यार्थियों का हौसला
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्मृति कॉलेज एवं ऐपटेक के निदेशक डॉ. रमेश राय और विद्यालय के प्रेसिडेंट प्रेम कुमार पाठक रहे. डॉ. श्रीनिवास चतुर्वेदी और डॉ. तनवीर फरीदी सहित विद्यालय के शुभचिंतकों एवं प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं.
प्रधानाचार्य बोले- ऐसे आयोजन बनाते हैं आत्मविश्वास
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों की ऐतिहासिक एवं समसामयिक जानकारी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों की बौद्धिक क्षमता, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं.
संस्थापक के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे विद्यार्थी
विद्यालय के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार पाठक ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा और उपलब्धियों में लगातार निखार दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि विद्यालय के बच्चे संस्थापक दिलीप पाठक के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं. विद्यालय प्रबंधन का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा के अनुरूप अवसर मिले और वह जीवन के हर क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित करे.
आयोजन की कमान संभालने वालों की भी हुई सराहना
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के वरीय शिक्षक अमर प्रसाद बरुआ की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने कार्यक्रम के संचालन और आयोजन की जिम्मेदारी कुशलतापूर्वक संभाली. पुष्पेंदु मिश्रा और विवेक कुमार ने तकनीकी एवं डिजिटल सहयोग दिया.
पर्दे के पीछे की टीम ने संभाली पूरी व्यवस्था
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी विद्यालय के उपनिदेशक सुदीप कुमार पाठक ने संभाली. राजा बाबू सर और अजय कुमार सिंह ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया. विश्वास कुमार ने स्वागत गान की व्यवस्था को आकर्षक एवं प्रभावी बनाया. विद्यार्थियों की संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और जीवंतता भर दी.
चार हाउस के इन प्रतिभागियों ने फिनाले में मचाया धमाल
विश्वामित्र हाउस: अर्चित पाठक, कृष्ण गौरव एवं आकांक्षा श्री.
स्वामी विवेकानंद हाउस: श्रेष्ठ पाठक, सगुण सिंह एवं माधवेंद्र चौबे.
आर्यभट्ट हाउस: नैतिक सिंह, सत्यम कुमार एवं अनन्या तिवारी.
ए.पी.जे. अब्दुल कलाम हाउस: सूरज उपाध्याय, प्रिंस कुमार एवं आँचल कुमारी.
आयोजन ने इतिहास को नई पीढ़ी के जुनून से जोड़ा
मुख्य अतिथि डॉ. रमेश राय और विद्यालय के प्रेसिडेंट प्रेम कुमार पाठक ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. लंबे समय से विद्यालय से जुड़े अतिथियों ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और प्रतिभा में हो रहे सकारात्मक बदलाव की सराहना की.
सिर्फ क्विज नहीं, आजादी के इतिहास से जुड़ने का मंच
अंत में विद्यालय के प्रेसिडेंट ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया. हेरिटेज स्कूल, अर्जुनपुर का ‘जुनून-ए-आजादी’ आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रहा, बल्कि नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली स्वतंत्रता संघर्ष, राष्ट्रप्रेम और इतिहास से जोड़ने की एक सार्थक पहल बन गया.






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