कांवर पथ या कीचड़ का सफर? पांडेय पट्टी मार्ग की बदहाली ने बढ़ाई श्रद्धालुओं की चिंता ..

ROB क्षतिग्रस्त होने और इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग बंद रहने के कारण फिलहाल यही एकमात्र वैकल्पिक मार्ग बचा है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवरिया, स्थानीय लोग और वाहन इसी रास्ते से गुजर रहे हैं.






                             


  • इसी रास्ते से सोखा बाबा धाम समेत कई शिवालयों तक पहुंचेंगे हजारों कांवरिया, सड़क पर कीचड़ और फिसलन बनी मुसीबत.
  • ROB क्षतिग्रस्त और इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग बंद रहने से यही बचा एकमात्र मार्ग, स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी.

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सावन के पवित्र महीने में जहां हजारों शिवभक्त गंगाजल लेकर सोखा बाबा धाम समेत विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए निकल रहे हैं, वहीं पांडेय पट्टी मार्ग की बदहाल स्थिति उनकी राह में बड़ी परेशानी बन गई है. सड़क पर फैले कीचड़ और जलजमाव के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है. ऐसे में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि ROB क्षतिग्रस्त होने और इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग बंद रहने के कारण फिलहाल यही एकमात्र वैकल्पिक मार्ग बचा है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवरिया, स्थानीय लोग और वाहन इसी रास्ते से गुजर रहे हैं, लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति के कारण दोपहिया वाहनों के फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका लगातार बनी हुई है.

कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि सावन में हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण मार्ग की ऐसी स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है. प्रशासन को सावन शुरू होने से पहले ही सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी. यदि किसी श्रद्धालु के साथ हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

सरोज राजभर ने कहा कि जब यही मार्ग कांवरियों के आवागमन का मुख्य रास्ता है तो इसकी मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी. श्रद्धालुओं को कीचड़ और फिसलन के बीच यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

दीनानाथ ठाकुर ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस मार्ग की अनदेखी उचित नहीं है. प्रशासन को तत्काल सड़क की मरम्मत कराकर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना चाहिए.

राम इकबाल ठाकुर ने कहा कि यह केवल सड़क की बदहाली का मामला नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है. जिला प्रशासन को अविलंब कार्रवाई करते हुए मार्ग को दुरुस्त कराना चाहिए ताकि सावन के दौरान किसी अप्रिय घटना की नौबत न आए.

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था तथा कांवरियों के सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो सावन के दौरान किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता.













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