ट्रांसफार्मर उठाया, जनता को रुलाया! गर्मी में रातभर तड़पा गायत्री नगर, सड़क जाम होते ही जागी बिजली कंपनी ..

शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बिजली कंपनी की टीम बिना किसी पूर्व सूचना के मोहल्ले में लगा चालू ट्रांसफार्मर उतारकर ले गई. लोगों को उम्मीद थी कि तत्काल दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा, लेकिन पूरी रात गुजर गई और बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई. 





                             


  • बिना सूचना चालू ट्रांसफार्मर उतारकर ले गई कंपनी, रातभर बिजली-पानी के लिए परेशान रहे लोग
  • सुबह 9 बजे सड़क पर उतरा आक्रोश, बिजली कंपनी के कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : भीषण गर्मी में जहां लोग राहत के लिए बिजली का इंतजार कर रहे हैं, वहीं शहर के वार्ड नंबर 6 स्थित गायत्री नगर में बिजली कंपनी की कार्यशैली को लेकर रविवार की सुबह लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. स्थानीय लोगों का आरोप है कि शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बिजली कंपनी की टीम बिना किसी पूर्व सूचना के मोहल्ले में लगा चालू ट्रांसफार्मर उतारकर ले गई. लोगों को उम्मीद थी कि तत्काल दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा, लेकिन पूरी रात गुजर गई और बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई. गर्मी, उमस और पानी के संकट से परेशान लोगों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया और रविवार सुबह लोग सड़क पर उतर आए.

‘पहले ट्रांसफार्मर उठाया, फिर जनता को भूल गई कंपनी!’

स्थानीय लोगों के अनुसार गायत्री नगर में लगा ट्रांसफार्मर सुचारू रूप से चल रहा था. शनिवार दोपहर बिजली कंपनी की टीम पहुंची और ट्रांसफार्मर उतारकर अपने साथ ले गई. लोगों का कहना है कि न तो उन्हें पहले इसकी सूचना दी गई और न ही यह बताया गया कि बिजली कब तक बहाल होगी.

लोगों का सीधा सवाल है कि अगर ट्रांसफार्मर हटाना जरूरी था तो वैकल्पिक व्यवस्था पहले क्यों नहीं की गई? भीषण गर्मी में पूरे मोहल्ले को रातभर अंधेरे में छोड़ने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी?

गर्मी में तपते रहे लोग, घरों में पानी तक का संकट

बिजली गुल होने से घरों में पानी की समस्या भी खड़ी हो गई. मोटर नहीं चलने के कारण कई परिवारों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा. रातभर बिजली आने का इंतजार करते-करते लोगों की परेशानी बढ़ती गई.

मोहल्ले के रहने वाले अधिवक्ता शुभम उपाध्याय ने कहा कि यदि ट्रांसफार्मर हटाना जरूरी था तो बिजली कंपनी को पहले लोगों को सूचना देनी चाहिए थी, ताकि भीषण गर्मी के बीच लोग अपनी वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें. उनका कहना है कि बिना बताए चालू ट्रांसफार्मर उठाकर ले जाने से लोगों को पूरी रात परेशानी झेलनी पड़ी.

सुबह 9 बजे टूटा सब्र, बिजली कंपनी के कार्यालय के बाहर सड़क जाम

शनिवार दोपहर से रविवार सुबह तक बिजली का इंतजार करने के बाद जब करीब 9 बजे तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगा तो मोहल्लेवासियों का गुस्सा फूट पड़ा.

महिलाएं, बुजुर्ग और स्थानीय लोग एकजुट होकर बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंच गए. लोगों ने कार्यालय के सामने मुख्य सड़क जाम कर दी और कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई.

सड़क जाम होते ही हरकत में आई बिजली कंपनी!

लोगों के सड़क पर उतरते ही बिजली कंपनी हरकत में आई. आनन-फानन में ट्रांसफार्मर भेजने और बिजली आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया गया. इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और सड़क पर यातायात बहाल हो सका.

लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी रही कि जिस ट्रांसफार्मर को शनिवार दोपहर हटाया गया, उसके बदले रात में ही व्यवस्था क्यों नहीं की गई. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वैकल्पिक ट्रांसफार्मर लगा दिया जाता तो उन्हें सड़क जाम कर विरोध करने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

जनता का सवाल—सूचना देना भी जरूरी नहीं समझती कंपनी?

गायत्री नगर के लोगों का कहना है कि तकनीकी कारणों से ट्रांसफार्मर बदलना जरूरी हो सकता है, लेकिन उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी देना और वैकल्पिक व्यवस्था करना बिजली कंपनी की जिम्मेदारी होनी चाहिए.

मोहल्लेवासियों का सवाल है कि भीषण गर्मी में बिजली बंद करनी थी तो पहले सूचना क्यों नहीं दी गई? नया ट्रांसफार्मर पहले से तैयार क्यों नहीं रखा गया? और पूरी रात बिजली-पानी के संकट में लोगों को क्यों छोड़ दिया गया?

फिलहाल बिजली कंपनी ने ट्रांसफार्मर भेजकर आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया है. अब देखना यह है कि गायत्री नगर में बिजली व्यवस्था कितनी जल्दी सामान्य होती है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए कंपनी क्या कदम उठाती है.













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