स्मार्ट स्कूल के सामने पानी में रास्ता, ग्रामीणों ने पूछा- क्या तैरकर स्कूल जाएंगे बच्चे?

सवाल किया कि अगर विद्यालय के सामने इसी तरह पानी जमा रहेगा तो क्या शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं पानी में तैरकर विद्यालय पहुंचेंगे? 





                             


  • नदांव के स्मार्ट मध्य विद्यालय के सामने जलजमाव से परेशानी, ग्रामीणों ने सरकार से मांगी बेहतर सड़क और जलनिकासी व्यवस्था
  • ग्रामीण मंटू कुमार बबुआ बोले- स्मार्ट स्कूल के साथ आसपास की व्यवस्था भी स्मार्ट होनी चाहिए

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिला मुख्यालय के नजदीकी नदांव गांव स्थित स्मार्ट मध्य विद्यालय के सामने जलजमाव की तस्वीर इन दिनों सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है. विद्यालय के सामने पानी जमा होने से शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं को आने-जाने में परेशानी हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय को स्मार्ट बनाने के साथ उसके आसपास की सड़क और जलनिकासी व्यवस्था को भी बेहतर किया जाना चाहिए.

ग्रामीण मंटू कुमार बबुआ ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार राज्य के विद्यालयों को स्मार्ट बनाने की बात कर रही है, लेकिन विद्यालय के सामने ही सड़क की हालत ऐसी है कि बारिश के बाद पानी जमा हो जाता है. उन्होंने कहा कि जब स्कूल स्मार्ट बन रहा है तो उसके आसपास की सड़क भी स्मार्ट होनी चाहिए.

मंटू कुमार बबुआ ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि अगर विद्यालय के सामने इसी तरह पानी जमा रहेगा तो क्या शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं पानी में तैरकर विद्यालय पहुंचेंगे? स्मार्ट विद्यालय बनाने से ही पूरी व्यवस्था स्मार्ट नहीं होगी, बल्कि स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क, जलनिकासी और आसपास की साफ-सफाई की व्यवस्था भी दुरुस्त करनी होगी.

ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दिनों में विद्यालय के सामने जलजमाव से बच्चों को काफी परेशानी होती है. पानी के कारण फिसलने और गिरने का खतरा भी बना रहता है. ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से विद्यालय के सामने जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने तथा सड़क और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है.












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