पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तत्वावधान में आयोजित वृक्ष बंधन कार्यक्रम में पेड़ों को तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा गया. इस दौरान वृक्षों की रक्षा, संवर्धन और अधिक से अधिक पौधारोपण करने का सामूहिक संकल्प लिया गया.

- ‘बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस’ पर हुआ वृक्ष बंधन कार्यक्रम, पेड़ों को तिलक लगाकर ग्रामीणों ने निभाया अनूठा रिश्ता
- पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल जरूरी, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बक्सर टॉप न्यूज़ रक्षाबंधन के पर्व पर शुक्रवार को निमेज गांव में भाई-बहन के रिश्ते से आगे बढ़कर इंसान और प्रकृति के रिश्ते की रक्षा का अनूठा संदेश दिया गया. ‘बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस’ के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तत्वावधान में आयोजित वृक्ष बंधन कार्यक्रम में पेड़ों को तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा गया. इस दौरान वृक्षों की रक्षा, संवर्धन और अधिक से अधिक पौधारोपण करने का सामूहिक संकल्प लिया गया.
बौरहवा बाबा मंदिर परिसर से हुई अनूठी पहल
पर्यावरण कार्यकर्ता नित्यानंद ओझा के नेतृत्व में कार्यक्रम की शुरुआत निमेज गांव स्थित बौरहवा बाबा शिव मंदिर परिसर में लगे नीम के पेड़ को रक्षा सूत्र बांधकर की गई. कार्यकर्ताओं ने पेड़ को तिलक लगाया और ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया. पेड़ को भाई की तरह रक्षा सूत्र बांधने की तस्वीर लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही.
‘पौधा लगाना ही नहीं, वृक्ष बनने तक बचाना जरूरी’
पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, दक्षिण बिहार के जन संवाद प्रमुख शैलेश कुमार ओझा ने कहा कि पेड़ केवल प्रकृति की शोभा नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं. पर्यावरण संकट और जलवायु परिवर्तन के दौर में केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है. पौधे को वृक्ष बनने तक बचाना और उसकी नियमित देखभाल करना ही वास्तविक पर्यावरण सेवा है.
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन रिश्तों की रक्षा का पर्व है. इसी भावना को प्रकृति से जोड़ते हुए पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधा गया है. उन्होंने कहा कि संकल्प केवल नए पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पहले से मौजूद पेड़ों की रक्षा की जिम्मेदारी भी समाज को उठानी होगी.
पेड़ बचेंगे तो सुरक्षित रहेगा भविष्य
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पेड़ प्राणवायु देने के साथ जल, मिट्टी और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसलिए पेड़ों की रक्षा को केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी के रूप में देखना चाहिए.
कई लोगों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भोजपुर विभाग सेवा प्रमुख शिवजी पांडेय, भाजपा नेता सुबोध जायसवाल, कॉलेज यूनी के संस्थापक शशि रंजन तिवारी, अजीत यादव, गुड्डू पाठक, डॉ. प्रीतम, तालकेश्वर जायसवाल सहित पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की.
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने वृक्षों की रक्षा, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया. रक्षाबंधन पर निमेज में पेड़ों की कलाई पर बंधा रक्षा सूत्र इस संदेश का प्रतीक बना कि प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा.





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