परियोजना से उत्पादित कुल बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा बिहार को दीर्घकालिक विद्युत खरीद करार के तहत मिलेगा. ऐसे में आने वाले समय में राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ने और पीक आवर्स के दौरान बिजली की कमी कम होने की उम्मीद जताई जा रही है.

- एसजेवीएन की दूसरी 660 मेगावाट इकाई ने हासिल किया वाणिज्यिक प्रचालन, बिहार को मिलेगी परियोजना की 85 प्रतिशत बिजली
- करीब 13,756 करोड़ की परियोजना पूरी तरह चालू, चौसा से बिहार और पूर्वी भारत की ऊर्जा जरूरतों को मिलेगी नई ताकत
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : चौसा में स्थापित एसजेवीएन की महत्वाकांक्षी बक्सर ताप विद्युत परियोजना ने शनिवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली. परियोजना की दूसरी इकाई 660 मेगावाट ने 12 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक वाणिज्यिक प्रचालन हासिल कर लिया. इसके साथ ही 1320 मेगावाट क्षमता वाली बक्सर ताप विद्युत परियोजना की दोनों इकाइयां अब पूरी तरह व्यावसायिक रूप से चालू हो गई हैं. करीब 13,756 करोड़ रुपये की इस विशाल परियोजना के पूर्ण रूप से प्रचालन में आने से बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
एसजेवीएन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बक्सर जिले के चौसा में स्थापित इस परियोजना की दूसरी 660 मेगावाट इकाई के वाणिज्यिक प्रचालन में आने के बाद अब पूरी 1320 मेगावाट क्षमता प्रचालन में आ गई है. परियोजना से उत्पादित कुल बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा बिहार को दीर्घकालिक विद्युत खरीद करार के तहत मिलेगा. ऐसे में आने वाले समय में राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ने और पीक आवर्स के दौरान बिजली की कमी कम होने की उम्मीद जताई जा रही है.
एसजेवीएन की पहली ताप विद्युत परियोजना हुई पूरी तरह चालू
एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि 1320 मेगावाट बक्सर ताप विद्युत परियोजना की दूसरी इकाई ने 12 सितंबर को सफलतापूर्वक वाणिज्यिक प्रचालन हासिल कर लिया है.
इसके साथ ही यह एसजेवीएन की पहली ताप विद्युत परियोजना बन गई है, जो पूरी तरह प्रचालन में आ चुकी है. परियोजना में दो इकाइयां हैं और दोनों की क्षमता 660-660 मेगावाट है.
पहले प्रधानमंत्री ने किया था पहली इकाई का उद्घाटन
परियोजना की पहली 660 मेगावाट इकाई का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अगस्त 2025 को किया था. इसके बाद पहली इकाई ने 14 नवंबर 2025 को वाणिज्यिक प्रचालन हासिल किया.
अब दूसरी इकाई के भी व्यावसायिक रूप से चालू हो जाने के बाद चौसा स्थित पूरा पावर प्लांट 1320 मेगावाट क्षमता के साथ बिजली उत्पादन के लिए तैयार हो गया है.
बिहार को मिलेगी 85 प्रतिशत बिजली
इस परियोजना से उत्पादित बिजली का सबसे बड़ा हिस्सा बिहार को मिलेगा. एसजेवीएन के अनुसार कुल उत्पादित विद्युत का 85 प्रतिशत हिस्सा दीर्घकालिक विद्युत खरीद करार के तहत बिहार के लिए आवंटित है.
परियोजना के पूरी क्षमता से शुरू होने से बिहार में बिजली की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है. विशेष रूप से अधिक मांग वाले समय में बिजली की कमी को कम करने और राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
सालाना करीब 9,829 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की संभावना
करीब 13,756.56 करोड़ रुपये के कुल निवेश से विकसित इस परियोजना से 85 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर सालाना 9,828.72 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होने की संभावना है.
परियोजना अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है. इसमें उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण प्रणालियों का उपयोग किया गया है, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता बेहतर होने के साथ पर्यावरण पर प्रभाव को कम करने का भी दावा किया गया है.
निर्माण के दौरान 65 हजार श्रमिकों को मिला रोजगार
बक्सर ताप विद्युत परियोजना के निर्माण के विभिन्न चरणों के दौरान लगभग 65 हजार श्रमिकों को रोजगार मिला. परियोजना ने स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के साथ आर्थिक अवसर भी पैदा किए हैं.
कंपनी के अनुसार परियोजना के संचालन के दौरान भी स्थानीय क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
चौसा और आसपास के इलाकों में सामाजिक विकास पर भी जोर
एसजेवीएन द्वारा परियोजना क्षेत्र और इसके आसपास के इलाकों में सामुदायिक विकास की दिशा में भी विभिन्न पहलें की गई हैं. इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास के अन्य क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है.
ऊर्जा सुरक्षा के साथ क्षेत्रीय विकास को भी मिलेगा बल
एसजेवीएन के अनुसार दूसरी इकाई का सफल वाणिज्यिक प्रचालन देश की बिजली उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इससे बिहार और पूर्वी क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को नई ताकत मिलने की उम्मीद है.
परियोजना के पूर्ण रूप से शुरू होने को ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चौसा में स्थापित यह विशाल पावर प्लांट अब पूरी 1320 मेगावाट क्षमता के साथ बिजली उत्पादन कर सकेगा, जिससे बक्सर का नाम देश के प्रमुख ऊर्जा केंद्रों में और मजबूती से दर्ज होने की उम्मीद है.
एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने इस उपलब्धि के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों, विद्युत मंत्रालय और अन्य संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों के सहयोग के लिए आभार जताया. उन्होंने एसजेवीएन के कर्मचारियों और सभी हितधारकों की प्रतिबद्धता एवं योगदान की सराहना की.
इस अवसर पर निदेशक कार्मिक अजय कुमार शर्मा, निदेशक वित्त पार्यजीत डे तथा निदेशक परियोजनाएं राजेश कुमार चंदेल ने भी परियोजना से जुड़े सभी कर्मचारियों और हितधारकों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी.





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