15 लाख दो, नहीं तो मुकदमे में फंसा दूंगी! बक्सर के शिक्षक का दावा, धमकी से मचा हड़कंप ..

आरोप लगाया है कि उनसे 15 लाख रुपये की मांग की गई और रकम देने से इनकार करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने, नौकरी नहीं करने देने और बदनाम करने की धमकी दी गई. 






                             


  • व्हाट्सएप ग्रुप से हुई दोस्ती के बाद पैसों के लेन-देन का जिक्र, रकम देने से इनकार पर बदनाम करने की धमकी का आरोप
  • प्रकाश पाठक ने सीजेएम कोर्ट में दाखिल किया सूचना-पत्र, कहा- लगातार धमकियों से भय का माहौल, अनहोनी की आशंका

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : गया की महिला शिक्षिका द्वारा बक्सर के शिक्षक प्रकाश पाठक उर्फ मि. राइट पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच अब शिक्षक की ओर से भी बड़ा पलटवार सामने आया है. प्रकाश पाठक ने आरोप लगाया है कि उनसे 15 लाख रुपये की मांग की गई और रकम देने से इनकार करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने, नौकरी नहीं करने देने और बदनाम करने की धमकी दी गई. शिक्षक ने इस संबंध में 1 अगस्त 2024 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, बक्सर के न्यायालय में सूचना-पत्र दाखिल कर पूरे मामले को अभिलेख में रखने की गुहार लगाई थी.

व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुई थी पहचान

न्यायालय में दाखिल सूचना-पत्र में प्रकाश पाठक ने बताया है कि उनकी पहचान गया निवासी सुनीता कुमारी से शिक्षकों से जुड़े एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होने लगी.

शिक्षक के मुताबिक, बातचीत के दौरान दोनों के बीच अलग-अलग समय पर पैसों का लेन-देन भी हुआ. उनका दावा है कि उस दौरान किसी तरह का विवाद नहीं हुआ और स्थिति सामान्य रही.

अचानक सामने आई 15 लाख की मांग

शिक्षक ने अपने सूचना-पत्र में दावा किया है कि घटना से तीन-चार दिन पहले महिला की ओर से उनसे कथित तौर पर 15 लाख रुपये की मांग की गई. इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताते हुए उन्होंने इनकार कर दिया.

प्रकाश पाठक का आरोप है कि इसके बाद उन्हें धमकियां दी जाने लगीं. उन्होंने दावा किया कि रकम नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने, परेशान करने, नौकरी नहीं करने देने और सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकी दी गई.

‘किसी भी अनहोनी की आशंका’

शिक्षक ने न्यायालय में दिए आवेदन में कहा है कि कथित धमकियों के कारण वह भय के माहौल में हैं. उन्हें आशंका है कि उनके साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है.

इसी आशंका के मद्देनजर उन्होंने न्यायालय से सूचना-पत्र को अभिलेख में सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर यह दस्तावेज उनके पक्ष में संदर्भ के तौर पर उपलब्ध रहे.

एक ही मामले में आमने-सामने दोनों पक्ष

इस मामले में अब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं. महिला शिक्षिका ने जहां प्रकाश पाठक पर यौन शोषण, धोखाधड़ी, जबरन वसूली और धमकी समेत कई आरोप लगाए हैं, वहीं शिक्षक ने महिला पर 15 लाख रुपये मांगने और रकम नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है.

मामला न्यायिक और पुलिस प्रक्रिया के दायरे में है. ऐसे में दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी.

महत्वपूर्ण: शिक्षक द्वारा सूचना-पत्र में लगाए गए आरोप उनके दावे हैं. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस दस्तावेज से नहीं होती है. इसी तरह महिला शिक्षिका की ओर से लगाए गए आरोप भी जांच का विषय हैं.













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