स्केल-चप्पल से छात्राओं की पिटाई! वायरल वीडियो से खुली स्कूलों की पोल, दो प्रधानाध्यापक निलंबित ..

कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई और 3 सितंबर को जारी आदेश के आधार पर अंजु कुमारी को बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियमावली, 2005 के तहत निलंबित कर दिया गया. 





                             

आचार्य नरेन्द्र देव मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पर छात्राओं को पीटने का आरोप, रामपुर स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक पर भी कार्रवाई

मारपीट, लापरवाही और अनुशासनहीनता पर शिक्षा विभाग सख्त, पहले भी चार शिक्षक निलंबित और यौन शोषण के मामले में शिक्षक जेल भेजे जा चुके हैं

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और विद्यालय संचालन में लापरवाही के मामलों पर शिक्षा विभाग ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. आचार्य नरेन्द्र देव मध्य विद्यालय, बक्सर की प्रधानाध्यापिका अंजु कुमारी को छात्राओं की पिटाई समेत कई गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है. वहीं, बालिका मध्य विद्यालय रामपुर, चौसा के प्रभारी प्रधानाध्यापक विपिन कुमार को भी विद्यालय संचालन में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है. दोनों को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई के अधीन कर दिया गया है.

लोहे के स्केल और चप्पल से पीटने का आरोप. जिला शिक्षा विभाग को मिले जांच प्रतिवेदन के अनुसार, आचार्य नरेन्द्र देव मध्य विद्यालय की छात्राओं ने विद्यालय की शिक्षिकाओं पर मारपीट का आरोप लगाया था. छात्राओं का आरोप था कि अंजु कुमारी, निकहत और उपा कुमारी द्वारा उनके साथ मारपीट की जाती है. जांच के दौरान प्रधानाध्यापिका अंजु कुमारी पर छात्राओं को लोहे के स्केल और चप्पल से पीटने का आरोप भी सामने आया.

जांच में विद्यालय में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई. शिक्षकों द्वारा पाठ-टीका का अद्यतन संधारण नहीं किया गया था, जबकि कुछ शिक्षक ड्रेस कोड में भी नहीं मिले. विद्यालय में नियमित अनुशासनात्मक गतिविधियों की कमी और शिक्षक-शिक्षिकाओं का बच्चों के साथ बेहतर समन्वय नहीं होना भी जांच में सामने आया.

रिपोर्ट में विद्यालय प्रबंधन में लापरवाही और कर्तव्यहीनता के साथ शैक्षणिक कार्य संतोषजनक नहीं होने की बात कही गई है. बच्चों के बीच होने वाली मारपीट को रोकने में प्रभावी भूमिका नहीं निभाने, पठन-पाठन का माहौल कायम नहीं रखने और बच्चों को नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित नहीं करने जैसे आरोप भी लगाए गए.

प्रधानाध्यापिका से विभाग ने स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया. इसके बाद कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई और 3 सितंबर को जारी आदेश के आधार पर अंजु कुमारी को बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियमावली, 2005 के तहत निलंबित कर दिया गया. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखण्ड संसाधन केन्द्र, चौसा निर्धारित किया गया है.

वायरल वीडियो के बाद रामपुर स्कूल पर भी कार्रवाई. 29 जुलाई को बालिका मध्य विद्यालय रामपुर, चौसा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसमें शिक्षिका सुषमा सिंह पर छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट कर उन्हें शारीरिक क्षति पहुंचाने जैसा अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगा था. वीडियो सामने आने के बाद प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी, चौसा ने 1 अगस्त को विद्यालय का निरीक्षण किया और संबंधित शिक्षिका तथा प्रभारी प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा.

जांच के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक विपिन कुमार पर विद्यालय संचालन में लापरवाही, अनुशासनहीनता तथा शिक्षक के मर्यादा और आदर्श आचरण के विरुद्ध कार्य करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की गई. अनुशंसा के आधार पर विपिन कुमार को भी निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के अधीन कर दिया गया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखण्ड संसाधन केन्द्र, नावानगर निर्धारित किया गया है.

पहले भी चार शिक्षकों पर गिर चुकी है गाज. गौरतलब है कि इससे पहले गरहथा कला मध्य विद्यालय में छात्रा से कंधा दबवाने के आरोप समेत शैक्षणिक और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक राधामोहन यादव, रामबचन यादव, राकेश सिंह और योगेंद्र यादव के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है.

यौन शोषण के मामले में शिक्षक भेजे जा चुके हैं जेल. इससे पूर्व कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक मध्य विद्यालय में छात्राओं के यौन शोषण के आरोप में शिक्षक अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. मामले को छिपाने की कोशिश के आरोप में विद्यालय के प्रधानाध्यापक को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.

लगातार सामने आ रहे मामलों और एक के बाद एक हो रही कार्रवाई से साफ है कि शिक्षा विभाग अब विद्यालयों में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, अनुशासनहीनता और लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपना रहा है. मारपीट से लेकर यौन शोषण तक के मामलों में कार्रवाई से जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.













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