सिगरेट का बहाना, फोन पर वसूली और फिर चलती ट्रेन से धक्का! 21 साल के नितिन की चार टुकड़ों में मिली लाश ने खोली साइको किलर की करतूत ..

रेलवे ट्रैक पर मिले नितिन के शव की हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. ट्रेन की चपेट में आने से शव चार हिस्सों में बंट चुका था. अब रेल पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करते हुए भोजपुर के रोहित तिवारी को गिरफ्तार किया है.

 





                           




  • हैदराबाद से घर लौट रहा था नितिन, जनरल कोच में पुलिस बनकर मिले शातिर ने पहले रुपए वसूले, फिर आरा के पास चलती ट्रेन से दिया धक्का
  • परिजनों को फोन कर बताया- रेल पुलिस ने पकड़ा है; ट्रैक पर हाथ-पैर बंधे मिले, ट्रेन की चपेट में आने से चार हिस्सों में बंट गया शव
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : हैदराबाद से घर लौट रहे वैशाली के 21 वर्षीय नितिन कुमार को रास्ते में एक शातिर अपराधी ने पहले पुलिस के नाम पर डराया, फिर उसके मोबाइल से परिजनों को फोन कर रुपए वसूले और आखिर में चलती ट्रेन से धक्का देकर उसकी जान ले ली. आरा के पास रेलवे ट्रैक पर मिले नितिन के शव की हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. ट्रेन की चपेट में आने से शव चार हिस्सों में बंट चुका था. अब रेल पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करते हुए भोजपुर के रोहित तिवारी को गिरफ्तार किया है.

नितिन कुमार, पिता मुकेश राय, वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड के महिसौर थाना क्षेत्र स्थित चांद सराय का रहने वाला था. वह हैदराबाद में मजदूरी करता था और घर आने पर टेंट का काम भी करता था. 19 सितंबर को वह 07092 चर्लपल्ली-दानापुर मेला स्पेशल ट्रेन से घर लौट रहा था. जनरल कोच में सफर के दौरान उसकी मुलाकात ऐसे शातिर से हुई, जो यात्रियों को पुलिस का डर दिखाकर पैसे ऐंठता था.

रात में आया फोन- सिगरेट पीते पकड़ा गया है, पैसे भेजिए

20 सितंबर की रात करीब 10 बजे नितिन के मोबाइल से उसके परिजनों के पास फोन आया. फोन करने वाले ने बताया कि नितिन को ट्रेन में सिगरेट पीते हुए रेल पुलिस ने पकड़ लिया है और उसे छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये देने होंगे. परिजनों को यह भी बताया गया कि नितिन बक्सर के आसपास है.

रात में पैसे की व्यवस्था नहीं होने पर परिवार ने सुबह रुपए भेजने की बात कही. इसके बाद नितिन के फोन-पे पर 5 हजार रुपये भेजे गए. लेकिन इसके बाद भी कथित पुलिसकर्मी की मांग खत्म नहीं हुई. नितिन के मोबाइल से फिर फोन आया और इस बार खुद को आरपीएफ अधिकारी बताते हुए 20 हजार रुपये मांगे गए.

पैसे वसूलने के बाद नितिन को चलती ट्रेन से दिया धक्का

पुलिस जांच के अनुसार इसी दौरान आरोपी ने नितिन को अपने कब्जे में ले लिया. बाद में आरा के पास उसे चलती ट्रेन से धक्का दे दिया गया. रेलवे ट्रैक पर गिरने के बाद नितिन ट्रेन की चपेट में आ गया. उसके हाथ-पैर शर्ट से बांधे होने की बात भी परिजनों ने बताई है.

आरा रेलवे स्टेशन से करीब 300 से 400 गज की दूरी पर उसका शव बरामद हुआ. ट्रेन की चपेट में आने से शव चार हिस्सों में बंट गया था. बुधवार को करीब 3 बजे शव जब चांद सराय स्थित घर पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया.

पुलिस की वर्दी नहीं, अंदाज बनाकर करता था यात्रियों का शिकार

रेल पुलिस के अनुसार गिरफ्तार रोहित तिवारी ट्रेन के जनरल और दिव्यांग कोच में यात्रियों को निशाना बनाता था. वह खुद को जीआरपी, आरपीएफ या एसटीएफ का जवान बताकर टिकट जांच, सिगरेट पीने या अन्य बहाने से यात्रियों को डराता था. इसके बाद जुर्माने के नाम पर रुपए मांगता था.

पुलिस के अनुसार विरोध करने वाले यात्रियों के साथ मारपीट और लूटपाट करने के बाद वह उन्हें चलती ट्रेन से धक्का दे देता था. नितिन भी इसी तरीके का शिकार बना.

आरोपी के पास मिला दूसरे मृत यात्री का पर्स

जांच में आरोपी के पास से कैलाश कुमार का पर्स भी बरामद हुआ. उसमें डेबिट कार्ड, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, दिव्यांग कार्ड, वोटर आईडी समेत कई दस्तावेज मिले. कैलाश की मौत से जुड़े दानापुर रेल थाना कांड संख्या 265/26 में भी रोहित के वांटेड होने की बात पुलिस ने बताई है.

रोहित बक्सर रेल थाना कांड संख्या 161/24 में करीब 25 महीने जेल में रह चुका था और करीब दो महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था. रेल एसपी अनंत कुमार ने कहा है कि आरोपी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी.















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