लोगों का कहना है कि वीआईपी प्रोटोकॉल के साथ श्रद्धालुओं के आवागमन, गंगा स्नान, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और मेले में आने वाले दुकानदारों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए.
- 1992 में बनी थी डीएवी स्कूल-नाथ बाबा मंदिर की नहर वाली सड़क, मरम्मत का इंतजार खत्म होते ही दौड़ने लगे वाहन
- बदहाल बाइपास पर भी शुरू हुई मरम्मत, दीवारों पर चित्रकारी से लेकर सफाई तक में तेजी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : तकरीबन 34 साल पहले बनी जिस सड़क पर दशकों से गड्ढे थे, वहां अब काली चमक दिखाई दे रही है. जिस बाइपास पर रोज वाहन हिचकोले खाते थे, वहां भी मरम्मत शुरू हो गई है. शहर की दीवारें रंग-बिरंगी तस्वीरों से सज रही हैं और गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक सफाई अभियान तेज है. वजह है - मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का 23 सितंबर को संभावित बक्सर दौरा.
मुख्यमंत्री के संभावित यात्रा मार्गों को चकाचक करने में प्रशासन और संबंधित विभाग जुटे हैं. इसी क्रम में डीएवी स्कूल से नाथ बाबा मंदिर तक जाने वाली नहर वाली सड़क पर अचानक अलकतरा बिछाकर सड़क को नया रूप दे दिया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार यह सड़क वर्ष 1992 में बनी थी. इसके बाद लंबे समय तक इसकी समुचित मरम्मत नहीं हुई. जगह-जगह गड्ढों और टूटे हिस्सों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी. अब मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों के बीच सड़क की तस्वीर ही बदल गई है.
लंबे समय से निर्माणाधीन बाइपास सड़क की हालत भी किसी से छिपी नहीं थी. गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती थी और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था. अब इस सड़क पर भी मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है. इसके अलावा शहर की दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी, रंग-रोगन और साफ-सफाई का काम भी तेजी से कराया जा रहा है.
श्रद्धालुओं की सुविधा भी चुनौती
23 सितंबर को वामन द्वादशी के अवसर पर भगवान वामन की रथयात्रा में मुख्यमंत्री के शामिल होने की संभावना है. आयोजन को लेकर शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे में लोगों का कहना है कि वीआईपी प्रोटोकॉल के साथ श्रद्धालुओं के आवागमन, गंगा स्नान, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और मेले में आने वाले दुकानदारों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए.
लोगों की चुटकी - सीएम हर माह आते तो शहर रोज चमकता
अचानक तेज हुए विकास कार्यों को लेकर शहर में चर्चा भी तेज है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन सड़कों की मरम्मत के लिए वर्षों से आवाज उठती रही, वहां मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही काम शुरू हो गया. लोगों की चुटकी है, "अगर मुख्यमंत्री हर माह बक्सर आते, तो शायद शहर भी हर माह इसी तरह चकाचक होता रहता."






.png)













0 Comments