आशंका है कि नहर पार करने के दौरान पैर फिसलने से बिनोद गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई. सूचना पर पहुंची राजपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बक्सर सदर अस्पताल भेज दिया.
- गुरुवार शाम से था लापता, भरखरा के पास नहर में मिला शव; डूबने की आशंका
- राजपुर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मौत की वजह जांच में स्पष्ट होगी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : राजपुर थाना क्षेत्र के बारूपुर पंचायत के बभनी गांव निवासी 50 वर्षीय बिनोद मुसहर का शव शुक्रवार सुबह भरखरा गांव के पश्चिम स्थित नहर में मिला. गुरुवार शाम से लापता बिनोद की परिजन रातभर तलाश कर रहे थे. शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने नहर के पानी में शव बहते हुए देखा, जिसके बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसकी पहचान की. आशंका है कि नहर पार करने के दौरान पैर फिसलने से बिनोद गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई. सूचना पर पहुंची राजपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बक्सर सदर अस्पताल भेज दिया.
शाम से गायब थे बिनोद, रातभर होती रही तलाश
जानकारी के अनुसार बिनोद मुसहर गुरुवार शाम से घर से लापता थे. देर रात तक उनके वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास के इलाकों में उनकी खोजबीन शुरू की. रिश्तेदारों और परिचितों से भी जानकारी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. शुक्रवार सुबह नहर में शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और शव की पहचान बिनोद के रूप में की.
नहर पार करने के दौरान पैर फिसलने की आशंका
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि नहर पार करने के दौरान बिनोद का पैर फिसल गया होगा और वह गहरे पानी में चले गए. डूबने के कारण उनकी मौत होने की आशंका है. हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी.
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थानाध्यक्ष निवास कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बक्सर सदर अस्पताल भेज दिया. थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने से मौत का प्रतीत हो रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के स्पष्ट कारण का पता चल सकेगा. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
पांच बेटियों और एक बेटे के सिर से उठा पिता का साया
बिनोद की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृतक के पांच बेटियां और एक बेटा है. परिजनों के अनुसार बिनोद ही परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे. उनकी मौत के बाद बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है. परिवार में कमाने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं होने से आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है. घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.






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