देहरादून में भारत गौरव फाउंडेशन ने आयोजित किया सम्मान समारोह, भोजपुरी कला और संस्कृति में योगदान के लिए मिला सम्मान
सम्मान मिलते ही परिवार, मित्रों और प्रशंसकों में खुशी, सुशील राय समेत कई लोगों ने दी बधाई
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : भोजपुरी संगीत जगत के लोकप्रिय गायक गोपाल राय को भोजपुरी कला, संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया. भारत गौरव फाउंडेशन के तत्वावधान में देहरादून में आयोजित सम्मान समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने अपने हाथों से गोपाल राय को सम्मानित किया. राज्यपाल ने भोजपुरी कला और संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना भी की.
भोजपुरी के लिए काम का मिला सम्मान
गोपाल राय लंबे समय से भोजपुरी संगीत के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अपनी गायकी के माध्यम से उन्होंने भोजपुरी भाषा, लोकगीतों और लोक संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है. उनकी गायकी में भोजपुरी मिट्टी की खुशबू, लोकजीवन की झलक और अपनी संस्कृति के प्रति लगाव देखने को मिलता है.
भारत गौरव सम्मान उनके इसी योगदान की पहचान के तौर पर देखा जा रहा है. राज्यपाल के हाथों सम्मान प्राप्त करना उनके संगीत सफर का एक महत्वपूर्ण और यादगार पड़ाव बन गया है.
देहरादून में हुआ सम्मान समारोह
भारत गौरव फाउंडेशन की ओर से देहरादून में आयोजित सम्मान समारोह में कला, संस्कृति, सामाजिक क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी संगीत और संस्कृति के संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार को लेकर भी चर्चा हुई.
समारोह में गोपाल राय को भोजपुरी कला और संस्कृति के लिए किए जा रहे उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया. सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने इसे अपने लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया.
राज्यपाल के हाथों सम्मान ने बढ़ाया गौरव
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हाथों भारत गौरव सम्मान प्राप्त करने के बाद गोपाल राय ने भारत गौरव फाउंडेशन के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि किसी कलाकार के काम को पहचान मिलना उसके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा होती है.
उन्होंने कहा कि यह सम्मान भोजपुरी कला, संगीत और संस्कृति के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करने की जिम्मेदारी भी बढ़ाता है. गोपाल राय ने इस सम्मान को अपने परिवार, प्रशंसकों, सहयोगियों और उन सभी लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने उनके संगीत सफर में उनका साथ दिया.
सुशील राय समेत लोगों ने दी बधाई
गोपाल राय को भारत गौरव सम्मान मिलने के बाद उन्हें बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया. सुशील राय ने गोपाल राय को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि राज्यपाल के हाथों मिला यह सम्मान भोजपुरी कला और संस्कृति के लिए भी गौरव की बात है. नन्द कुमार तिवारी ने गोपाल राय के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि अन्य भोजपुरी कलाकारों के लिए भी प्रेरणादायक है.
इसके अलावा परिवार के सदस्यों, मित्रों, शुभचिंतकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, संगीत जगत से जुड़े लोगों और प्रशंसकों ने भी गोपाल राय को शुभकामनाएं दीं. सोशल मीडिया पर भी बधाई संदेशों का सिलसिला देखने को मिला.
भोजपुरी कलाकारों के लिए बनी प्रेरणा
भोजपुरी भाषा और संस्कृति का प्रभाव बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में रहने वाले भोजपुरी भाषी लोगों तक है. ऐसे में भोजपुरी कला से जुड़े किसी कलाकार को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना इस क्षेत्र के लिए उत्साह बढ़ाने वाला माना जा रहा है.
गोपाल राय की उपलब्धि उन कलाकारों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपनी भाषा, लोकगीतों और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं.
सम्मान के साथ बढ़ी जिम्मेदारी
भारत गौरव सम्मान मिलने के बाद गोपाल राय की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है. सम्मान जहां उनकी मेहनत और योगदान की पहचान है, वहीं यह आगे और बेहतर काम करने की प्रेरणा भी देता है.
गोपाल राय से जुड़े लोगों का कहना है कि वह आने वाले समय में भी भोजपुरी संगीत के क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे और अपनी गायकी के माध्यम से भोजपुरी भाषा, लोकगीत और संस्कृति को देश-विदेश में व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास जारी रखेंगे.
देहरादून में राज्यपाल के हाथों मिला भारत गौरव सम्मान गोपाल राय के संगीत सफर में एक नई उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है. उनकी इस उपलब्धि से भोजपुरी संगीत प्रेमियों में खुशी है और अब प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनकी आवाज के जरिए भोजपुरी कला और संस्कृति को आने वाले दिनों में और व्यापक पहचान मिलेगी.
0 Comments