मरीजों की सेवा को बनाया पहचान, अब यादों में रह गए डॉ. आरके गुप्ता ..

कहा कि डॉ. आरके गुप्ता एक कर्मठ चिकित्सक थे और रोगियों के प्रति समर्पित भाव से कार्य करते थे. उन्होंने लंबे समय तक मरीजों की सेवा कर अपनी अलग पहचान बनाई. 





                             


  • साबित खिदमत फाउंडेशन में शोकसभा कर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
  • डॉ. मनोज यादव बोले - कर्मठ और मरीजों के प्रति समर्पित चिकित्सक थे, उनकी कमी हमेशा खलेगी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में लंबे समय तक मरीजों की सेवा करने वाले सदर अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक एवं चिकित्सक डॉ. राम कुमार गुप्ता के आकस्मिक निधन से चिकित्सा जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है. पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे डॉ. गुप्ता का पटना में इलाज चल रहा था, जहां सोमवार को उनका निधन हो गया.

साबित खिदमत फाउंडेशन में श्रद्धांजलि

डॉ. आरके गुप्ता के निधन पर शहर के चीनी मिल स्थित साबित खिदमत फाउंडेशन एवं ह्यूमन राइट सोशल जस्टिस की ओर से शोकसभा आयोजित की गई. इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी. वक्ताओं ने उनके लंबे चिकित्सकीय सेवाकाल और जरूरतमंद मरीजों के प्रति उनके समर्पण को याद किया.

डॉ. मनोज यादव ने जताया शोक

पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष एवं चौसा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. मनोज कुमार यादव ने डॉ. आरके गुप्ता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि डॉ. आरके गुप्ता एक कर्मठ चिकित्सक थे और रोगियों के प्रति समर्पित भाव से कार्य करते थे. उन्होंने लंबे समय तक मरीजों की सेवा कर अपनी अलग पहचान बनाई. उनके निधन से चिकित्सा जगत और समाज को अपूरणीय क्षति हुई है. उनकी कमी हमेशा खलेगी.

सदर अस्पताल में भी हुई शोकसभा

निधन की सूचना के बाद सोमवार दोपहर सदर अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार प्रसाद चक्रवर्ती के नेतृत्व में शोकसभा आयोजित की गई. चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत चिकित्सक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमलेश कुमार ने कहा कि डॉ. गुप्ता के निधन से अस्पताल परिवार ने एक अनुभवी चिकित्सक और समर्पित सहकर्मी को खो दिया है. उन्होंने लंबे समय तक पुराने सदर अस्पताल और नए सदर अस्पताल में अपनी सेवाएं दीं. वे सदर अस्पताल के उपाधीक्षक के पद पर भी कार्य कर चुके थे.

चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रियता रही. जरूरतमंद मरीजों की मदद और उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार के कारण डॉ. गुप्ता सहकर्मियों और आम लोगों के बीच विशेष रूप से सम्मानित थे. उनके निधन को बक्सर के चिकित्सा और सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है.













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