नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पिता और दो बेटों पर दोष सिद्ध, सजा पर अगली सुनवाई ..

नावानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. पुलिस जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए. सुनवाई के दौरान इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने जगत नट, मुन्ना नट और गणेश नट को दोषी करार दिया.






                           



  • खेत में बेहोश हुई थी बच्ची, होश आया तो खुद को पक्के मकान में पाया; बंधक बनाने का आरोप
  • शरीर पर मिले थे 9 चोट के निशान, 6 जगह रॉड से दागने के जख्म भी बताए गए

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और प्रताड़ना के 13 साल पुराने मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय-6 ने पिता और उसके दो बेटों समेत तीन आरोपितों को दोषी करार दिया है. नावानगर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा निवासी जगत नट, उसके पुत्र मुन्ना नट और गणेश नट को न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दोषी माना. अब अगली तारीख पर अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी.

विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह के अनुसार, घटना 28 सितंबर 2013 की है. उत्तर प्रदेश की रहने वाली नाबालिग बच्ची खेत में काम कर रही थी. इसी दौरान वह बेहोश हो गई. होश आने पर उसने खुद को नावानगर थाना क्षेत्र के एक पक्के मकान में पाया. आरोप था कि उसे वहां बंधक बनाकर रखा गया और नाच-गाना करने के लिए दबाव बनाया गया.

अभियोजन के मुताबिक, बच्ची के साथ मारपीट की गई और जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए. विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप था. घटना के बाद बच्ची के शरीर पर नौ चोट के निशान पाए गए थे. इनमें छह स्थानों पर रॉड से दागने के जख्म होने की बात भी सामने आई थी.

गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि

मामले में नावानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. पुलिस जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए. सुनवाई के दौरान इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने जगत नट, मुन्ना नट और गणेश नट को दोषी करार दिया.

करीब 13 साल बाद आए इस फैसले के बाद अब मामले में सजा का चरण बाकी है. अगली सुनवाई में अदालत दोषी ठहराए गए पिता और उसके दोनों बेटों की सजा के बिंदु पर दलीलें सुनेगी. इसके बाद अदालत सजा तय करेगी.
















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