कृष्ण और राधा के रूप में सजे नन्हे-मुन्ने जब मंच पर उतरे तो विद्यालय परिसर का माहौल देखते ही देखते भक्तिमय हो गया. बच्चों की मासूम मुस्कान, आकर्षक वेशभूषा और शानदार प्रस्तुतियों ने मौजूद अभिभावकों और विद्यालय परिवार का दिल जीत लिया.

- नन्हे-मुन्नों ने कृष्ण-राधा बनकर मंच पर बिखेरा आकर्षण, भजन और नृत्य-नाटिका ने बांधा समां
- पारंपरिक वेशभूषा में बच्चों ने दिखाई भारतीय संस्कृति की झलक, तालियों से गूंजता रहा विद्यालय परिसर
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पांडेय पट्टी स्थित लोयोला स्कूल में गुरुवार को भक्ति और संस्कृति का खूबसूरत संगम देखने को मिला. कृष्ण और राधा के रूप में सजे नन्हे-मुन्ने जब मंच पर उतरे तो विद्यालय परिसर का माहौल देखते ही देखते भक्तिमय हो गया. बच्चों की मासूम मुस्कान, आकर्षक वेशभूषा और शानदार प्रस्तुतियों ने मौजूद अभिभावकों और विद्यालय परिवार का दिल जीत लिया.
कार्यक्रम में बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी को समर्पित भजनों और गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए. नन्हे कलाकारों के कदमों की थिरकन और चेहरे पर नजर आ रहा आत्मविश्वास दर्शकों को खूब पसंद आया. हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साह बढ़ता रहा.
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण नृत्य-नाटिका रही. बच्चों ने अभिनय, संवाद और नृत्य के माध्यम से श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया. छोटी उम्र के कलाकारों की सहज अदाकारी और उत्साह ने दर्शकों को बांधे रखा. कई अभिभावक अपने बच्चों की प्रस्तुतियों को मोबाइल कैमरे में कैद करते नजर आए.
जन्माष्टमी समारोह में बच्चों की वेशभूषा भी आकर्षण का केंद्र रही. मुकुट, बांसुरी और पारंपरिक परिधानों में सजे नन्हे कान्हा तथा राधा रानी विद्यालय परिसर में उत्सव की रंगत बढ़ाते नजर आए. कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक उत्सवों की महत्ता से परिचित कराने का प्रयास किया गया.
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका समीक्षा तिवारी एवं निदेशक ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के साथ उनके भीतर आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी सहायक होते हैं. ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं.
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा. अभय कुमार, निधि कुमारी, निशा कुमारी, खुशी कुमारी, रोशनी सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्यों ने बच्चों को तैयार करने और प्रस्तुतियों के लिए मार्गदर्शन देने में सहयोग किया.
कार्यक्रम के समापन पर नन्हे कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की गई. इसके साथ ही पूरा विद्यालय परिसर ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा. जन्माष्टमी का यह आयोजन बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ संस्कार और संस्कृति से जुड़ने का यादगार अवसर बन गया.





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