बताया कि सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना, घबराहट जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे लक्षण सामने आने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है.
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| प्रशिक्षण देते डॉ दिलशाद आलम |
- 100 से 150 लोगों ने लिया हिस्सा, चिकित्सकों ने बताए हार्ट अटैक के लक्षण और बचाव के तरीके
- डॉ. दिलशाद आलम बोले- समय पर सीपीआर मिलने से बच सकती है जान, आम लोगों को भी प्रशिक्षण जरूरी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : विश्व हृदय दिवस पर साबित खिदमत फाउंडेशन अस्पताल एवं डायग्नोस्टिक सेंटर, चीनी मिल, बक्सर में मंगलवार को स्वास्थ्य जागरूकता एवं सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में करीब 100 से 150 मरीजों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया. चिकित्सकों ने लोगों को हृदय रोग से बचाव के साथ-साथ आपात स्थिति में किसी की जान बचाने के लिए सीपीआर देने का तरीका भी समझाया.
सीने में दर्द को नजरअंदाज न करने की सलाह
कार्यक्रम में डॉ. दिलशाद आलम और डॉ. मनीष कुमार ने हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण, जोखिम कारक और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना, घबराहट जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे लक्षण सामने आने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है.
डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति घर, सड़क, क्लीनिक या अस्पताल कहीं भी उत्पन्न हो सकती है. ऐसे समय में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. समय पर सीपीआर मिलने से जीवन बचाने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए केवल चिकित्साकर्मियों ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी सीपीआर का प्रशिक्षण लेना चाहिए.
रोज 30 मिनट स्वास्थ्य के नाम करने की अपील
प्रशिक्षण के दौरान लोगों को सीपीआर की व्यावहारिक जानकारी दी गई, ताकि आपात स्थिति में वे घबराने के बजाय तत्काल मदद कर सकें. चिकित्सकों ने लोगों से रोजाना कम-से-कम 30 मिनट व्यायाम के लिए निकालने, संतुलित भोजन करने तथा धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहने की अपील की.
डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है. कार्यक्रम में बीना, नाज, सरस्वती, चिंता, डॉ. उज्ज्वल, नसीम, अरुण कुमार सिंह, अरुण कुमार पाध्या, सुनील कुमार, तरन्नुम, मुन्ना सिंह, प्रदीप, राय, शशि, शांति, अजय गोर, दिया, सूजा, चंद्रशेखर, गुराम पीर, अफसाना, सावित्री, साबित, रोहतास वी, मीर, जानकी, ललन यादव और सुजीत समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.





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