कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाले नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं. शिक्षक बच्चों को किताबों के ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और सही राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं.

- गुरु के सम्मान में झुके शिष्यों के सिर, गीत-संगीत से गूंजा एसएस कान्वेंट स्कूल
- शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां, विद्यालय प्रबंधन ने उपहार देकर शिक्षकों का किया सम्मान
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : कमरपुर पंचायत के कृतपुरा स्थित एसएस कान्वेंट स्कूल में शुक्रवार को शिक्षक दिवस का आयोजन गुरु-शिष्य के स्नेह, सम्मान और कृतज्ञता से सराबोर रहा. विद्यार्थियों ने गीत, संगीत, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान का ऐसा भाव पेश किया कि पूरा विद्यालय परिसर तालियों से गूंज उठा.
कार्यक्रम की शुरुआत पहले पीरियड में हुई, जब विद्यालय के सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को महान शिक्षाविद, दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, व्यक्तित्व और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की जानकारी दी. इसके बाद विद्यालय परिसर में डॉ. राधाकृष्णन के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. दीप प्रज्वलन के साथ ज्ञान और शिक्षा के महत्व का संदेश दिया गया.
विद्यालय की निर्देशिका बन्दना राय ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाले नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं. शिक्षक बच्चों को किताबों के ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और सही राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं.
प्रधानाध्यापक त्रिलोचन कुमार ने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं. विद्यार्थियों के भीतर नैतिक मूल्यों, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी शिक्षक के दायित्व का हिस्सा है. उन्होंने बच्चों से माता-पिता के साथ शिक्षकों के प्रति सदैव सम्मान का भाव रखने की अपील की.
इसके बाद विद्यार्थियों की बारी आई तो माहौल और भी खुशनुमा हो गया. पियूष पाठक, मानवी कुमारी, साक्षी राय, लक्ष्मी कुमारी, मनीषा कुमारी, दिव्यांशु राय, आकर्ष कुमार, आदित्य कुमार, अंजली कुमारी, आराध्या राय और अंशिका कुमारी समेत अन्य छात्र-छात्राओं ने भाषण, गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से शिक्षकों का मन मोह लिया. बच्चों ने अपने शब्दों और प्रस्तुतियों के जरिए बताया कि शिक्षक उनके जीवन में केवल पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत हैं.
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन, संस्कार और लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहने का संदेश दिया. अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी शिक्षकों को उपहार देकर सम्मानित किया गया. सम्मान पाकर शिक्षकों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई.
मौके पर बैजनाथ पांडेय, प्रमोद कुमार, अनुज कुमार, नितीश तिवारी, प्रदीप पांडेय, शिवम पांडेय, संदीप कुमार, अनु कुमारी, तनु, अंजली कुमारी समेत विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.





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