वीडियो : वामन रथ की रज्जू खींचेंगे अश्विनी चौबे, बोले- दुनिया के नक्शे पर फिर चमकेगा बक्सर का आध्यात्मिक गौरव ..

इसी सिलसिले में आयोजित बैठकों में पूर्व सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और सदर विधायक आनंद मिश्र भी शामिल हुए. अश्विनी चौबे ने कहा कि वह स्वयं भगवान वामन की रथयात्रा में शामिल होंगे और रथ की रज्जू खींचेंगे.





                           


  • पूर्व सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ने कहा- सिद्धाश्रम की धरती है बक्सर, भगवान वामन से जुड़ी है हजारों साल पुरानी पहचान
  • वामन चेतना मंच और वामन ग्लोबल फाउंडेशन की तैयारियां पूरी, सुबह 8 से 9 बजे के बीच निकलेगी भव्य रथयात्रा

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : में वामन द्वादशी पर इस बार भगवान वामन की रथयात्रा को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है. वामन चेतना मंच और वामन ग्लोबल फाउंडेशन की ओर से अलग-अलग रथयात्राओं की तैयारी की गई है. इसी सिलसिले में आयोजित बैठकों में पूर्व सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और सदर विधायक आनंद मिश्र भी शामिल हुए. अश्विनी चौबे ने कहा कि वह स्वयं भगवान वामन की रथयात्रा में शामिल होंगे और रथ की रज्जू खींचेंगे.

सुनिए अश्विनी चौबे ने क्या कहा : 


अश्विनी चौबे ने कहा कि बक्सर की पहचान केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिद्धाश्रम की पवित्र भूमि और भगवान वामन की अवतार भूमि के रूप में जानी जाती है. उन्होंने बक्सर की पौराणिक परंपरा को महर्षि कश्यप और माता अदिति से जोड़ते हुए कहा कि इस धरती का आध्यात्मिक इतिहास बेहद प्राचीन है.

वामन अवतार से लेकर श्रीराम की कर्मभूमि तक

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने धार्मिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ययुग में भगवान विष्णु ने इस क्षेत्र में तपस्या की थी. बाद में वामन रूप में अवतार लेकर राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी और तीन पग में पूरे लोक को नाप लिया. उन्होंने कहा कि बक्सर की धरती महर्षि विश्वामित्र की ज्ञान भूमि और भगवान श्रीराम की शिक्षा-दीक्षा तथा कर्मभूमि से भी जुड़ी रही है.

अश्विनी चौबे ने बक्सर के नाम से जुड़े पौराणिक इतिहास का भी उल्लेख किया. उन्होंने सिद्धाश्रम से व्याघ्रसर और वक्रसर होते हुए बक्सर नाम के प्रचलन की बात कही. उनके अनुसार इस क्षेत्र की प्राचीन पहचान को देश और दुनिया के सामने नए सिरे से रखने की जरूरत है.

सुनिए विधायक आनन्द मिश्र ने क्या कहा : 


विधायक आनंद मिश्र ने कहा कि भगवान वामन का मंदिर पहले जेल परिसर के अंदर था, जिसे मुख्यमंत्री के हाथों जेल प्रांगण से अलग कराकर श्रद्धालुओं के लिए मुक्त कराया गया. मंदिर की मुक्ति के बाद यह पहली वामन द्वादशी है, इसलिए बक्सर की जनता की ओर से मुख्यमंत्री को मुख्य यजमान के रूप में आमंत्रित किया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन से भगवान वामन की इस पावन भूमि को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में नई गति मिलेगी.

आनंद मिश्र ने कहा कि पिछले चार महीनों में मुख्यमंत्री का बक्सर में यह दूसरा दौरा है, जो क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है. उन्होंने बताया कि सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को भी मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया है. मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में वामन भगवान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ अहिरौली स्थित पार्टी कार्यालय, चुरामनपुर में जीविका दीदियों के कार्यक्रम और नहर क्षेत्र में विकास योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों का निरीक्षण शामिल है.

रथयात्रा के साथ दिखेगा आस्था और इतिहास का संगम

वामन ग्लोबल फाउंडेशन के संयोजक कल्लू राय ने बताया कि पिछले 3-4 महीनों से आयोजन की तैयारी चल रही थी. अब भगवान वामन की विशाल शोभायात्रा की पूरी रूपरेखा तैयार है. सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच रथयात्रा रवाना होगी. इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ साधु-संतों के शामिल होने की उम्मीद है.

सुनिए कल्लू राय ने क्या कहा :


आयोजन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में सदर विधायक आनंद मिश्र बतौर संरक्षक शामिल हुए. वहीं पूर्व सांसद अश्विनी चौबे ने भी आयोजन को लेकर अपनी सहभागिता जताई और रथ की रज्जू खींचने की बात कही.

बक्सर के गौरव को वैश्विक मंच तक ले जाने की कवायद

अश्विनी चौबे ने श्री राम कर्मभूमि न्यास, वामन भगवान लोक चेतना मंच और अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सेमिनार और शोध के माध्यम से बक्सर की प्राचीन विरासत को व्यापक स्तर पर सामने लाने का प्रयास होना चाहिए. स्कंद पुराण समेत विभिन्न शास्त्रीय संदर्भों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बक्सर को प्राचीन तपोभूमि और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ा क्षेत्र बताया.

वहीं आयोजकों ने बताया कि फाउंडेशन के संरक्षक एवं सदर विधायक आनंद मिश्र के निमंत्रण पर मुख्यमंत्री के भी कार्यक्रम में शामिल होने का शेड्यूल तय है. ऐसे में वामन द्वादशी पर होने वाली रथयात्रा को लेकर बक्सर में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह बढ़ गया है.
















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