10 हजार सदस्य जोड़ने का दावा, बक्सर राजद में राजेश यादव ने ठोकी जिलाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी ..

समाजसेवी एवं स्थानीय राजनीति में सक्रिय राजेश यादव का नाम जिलाध्यक्ष पद के संभावित दावेदार के रूप में प्रमुखता से सामने आया है. उनके समर्थकों का दावा है कि सदस्यता अभियान के दौरान उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर 10 हजार से अधिक लोगों को राजद से जोड़ा है.





                           



  • तेजस्वी के युवा नेतृत्व और ‘ए टू जेड’ फॉर्मूले के बीच नए चेहरे की तलाश, संगठन की कमान को लेकर बढ़ी हलचल
  • वार्ड की राजनीति से संगठन तक सक्रियता का दावा, सदस्यता अभियान को बनाया सबसे बड़ा आधार

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : राजद के सांगठनिक पुनर्गठन के बीच बक्सर में जिलाध्यक्ष पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. लंबे समय तक जिलाध्यक्ष रहे शेषनाथ सिंह के बाद अब संगठन की कमान किसे मिलेगी, इसे लेकर पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर चल रहा है. इसी बीच समाजसेवी एवं स्थानीय राजनीति में सक्रिय राजेश यादव का नाम जिलाध्यक्ष पद के संभावित दावेदार के रूप में प्रमुखता से सामने आया है. उनके समर्थकों का दावा है कि सदस्यता अभियान के दौरान उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर 10 हजार से अधिक लोगों को राजद से जोड़ा है.

राजद में इस समय संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कवायद चल रही है. पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में युवाओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाने पर जोर की खबरें सामने आई हैं. साथ ही पार्टी की ‘ए टू जेड’ सामाजिक भागीदारी की रणनीति के बीच नए चेहरों को लेकर भी मंथन जारी है. ऐसे में बक्सर में राजेश यादव के नाम की चर्चा ने स्थानीय राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है.

वार्ड से संगठन तक सक्रियता का दावा

राजेश यादव स्थानीय निकाय की राजनीति में सक्रिय रहे हैं. वे पूर्व वार्ड पार्षद रह चुके हैं और वर्तमान में वार्ड पार्षद प्रतिनिधि के रूप में सक्रियता का दावा किया जाता है. समर्थकों के मुताबिक, नगर परिषद की राजनीति के साथ सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी ने उन्हें अलग-अलग वर्गों के लोगों से जुड़ने का अवसर दिया है. यही संपर्क अब जिलाध्यक्ष पद की दावेदारी में उनके समर्थकों का प्रमुख आधार बताया जा रहा है.

10 हजार सदस्य जोड़ने के दावे पर टिकी नजर

राजेश यादव की दावेदारी में सबसे ज्यादा चर्चा सदस्यता अभियान की है. उनके अनुसार, बक्सर के विभिन्न शहरी और ग्रामीण इलाकों में अभियान चलाकर 10 हजार से अधिक लोगों को राजद की प्राथमिक सदस्यता दिलाई गई है. समर्थकों का कहना है कि अभियान में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों को पार्टी से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया.

हालांकि, सदस्यता का यह आंकड़ा राजेश यादव और उनके समर्थकों की ओर से किया गया दावा है. जिलाध्यक्ष पद के चयन से पहले पार्टी स्तर पर इसकी पुष्टि और अन्य दावेदारों की संगठनात्मक सक्रियता भी महत्वपूर्ण होगी.

फैसला नेतृत्व के हाथ में, दावेदारों की धड़कन बढ़ी

बक्सर राजद की नई टीम को लेकर फिलहाल अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है. राजेश यादव का नाम चर्चा में जरूर है, लेकिन उनकी नियुक्ति को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. ऐसे में 10 हजार सदस्य जोड़ने का दावा, स्थानीय स्तर पर सक्रियता और संगठन के साथ जुड़ाव—इन सबके बीच पार्टी नेतृत्व किस चेहरे पर भरोसा जताता है, इस पर कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है.


















Post a Comment

0 Comments