तीन महीने से भुगतान नहीं मिलने के कारण परिवार के भरण-पोषण में कठिनाई हो रही है. त्योहारों के समय भी मानदेय नहीं मिलने से उनकी मुश्किल और बढ़ गई है. कर्मियों ने जल्द से जल्द लंबित मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराने की मांग की है.
- एनएचएम कर्मियों, आशा फेसिलेटर और आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि भी अटकी, एक सप्ताह में भुगतान नहीं हुआ तो कार्य बाधित करने की चेतावनी
- प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और लेखापाल का पद खाली होने से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित, पीएचसी प्रभारी ने सिविल सर्जन और जिला स्वास्थ्य समिति को भेजा पत्र
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : त्योहारों के मौसम में जब घरों में खुशियों की तैयारी चल रही है, तब चौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्यकर्मी तीन महीने से मानदेय के इंतजार में हैं. एनएचएम कर्मियों, आशा फेसिलेटर और आशा कार्यकर्ताओं की मानदेय व प्रोत्साहन राशि लंबित है. दशहरा और छठ जैसे बड़े पर्व सामने हैं. ऐसे में लगातार भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है. परेशान कर्मियों ने एक सप्ताह के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर कार्य बाधित करने की चेतावनी दी है.
एनएचएम कर्मियों ने पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सामूहिक आवेदन देकर अपनी परेशानी बताई है. आवेदन में कहा गया है कि वे अल्प वेतनभोगी हैं और तीन महीने से भुगतान नहीं मिलने के कारण परिवार के भरण-पोषण में कठिनाई हो रही है. त्योहारों के समय भी मानदेय नहीं मिलने से उनकी मुश्किल और बढ़ गई है. कर्मियों ने जल्द से जल्द लंबित मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराने की मांग की है.
प्रबंधक-लेखापाल का पद खाली, अटकी भुगतान की प्रक्रिया
पीएचसी चौसा में प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और लेखापाल का पद खाली है. इसी वजह से भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित होने की बात सामने आई है. पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने 1 अक्टूबर को सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति, बक्सर को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया है. पत्र में कहा गया है कि संबंधित कर्मियों के नहीं होने के कारण एनएचएम कर्मियों के मानदेय तथा आशा फेसिलेटर और आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित है.
तीन महीने से जेब खाली, परिवार चलाने में परेशानी
कर्मियों ने आवेदन में कहा है कि लगातार तीन महीने तक मानदेय नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि अल्प वेतन में परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करनी होती हैं. ऐसे में समय पर भुगतान नहीं होने से घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. त्योहारों के बीच बकाया राशि नहीं मिलने से परेशानी और बढ़ गई है.
दशहरा-छठ से पहले भुगतान की मांग
कर्मियों ने दशहरा और छठ पर्व को देखते हुए लंबित राशि का जल्द भुगतान कराने की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान परिवार की जरूरतें और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं. ऐसे समय में तीन महीने का मानदेय अटका होना बड़ी परेशानी का कारण बन गया है. कर्मचारियों ने विभाग से तत्काल भुगतान की व्यवस्था कराने की मांग की है.
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, कार्य बाधित करने की चेतावनी
कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर लंबित भुगतान को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बाध्य होकर कार्य बाधित कर सकते हैं. उनका कहना है कि समय पर मानदेय मिलने से वे आर्थिक चिंता से मुक्त होकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अपने दायित्वों का निर्वहन सुचारू रूप से कर सकेंगे.
अधिकारियों को भेजी गई जानकारी, कार्रवाई का इंतजार
पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने मामले की प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी तथा जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति, बक्सर को भी भेजी है. अब कर्मचारियों को विभागीय पहल का इंतजार है. उनकी नजर इस बात पर है कि दशहरा और छठ से पहले तीन महीने से लंबित मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान हो पाता है या नहीं.





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