कहा कि कार्यपालक पदाधिकारी पहले भी रामलीला के दौरान निरीक्षण कर चुकी हैं. उन्हें जानकारी थी कि यहां पांच दिनों से मंचन हो रहा है. इसके बावजूद पहले से लगे ताले के ऊपर दूसरा ताला लगा दिया गया.

- पांच दिन का मंचन पूरा होने के बाद हुई तालाबंदी से बढ़ा विवाद, लोगों ने मौके पर बुलाने की रखी मांग
- चेयरमैन प्रतिनिधि और थानाध्यक्ष की पहल पर खुला ताला, कार्यपालक पदाधिकारी ने फोन पर नहीं दिया जवाब
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : चौसा बाजार में 102 साल पुरानी रामलीला के मंच पर दूसरा ताला लगाए जाने से विवाद खड़ा हो गया. नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी की ओर से साक्षरता भवन सह रामलीला मंच पर दूसरा ताला लगवाए जाने के बाद स्थानीय लोग भड़क गए. लोगों ने मौके पर जमकर हंगामा किया और ईओ को बुलाकर माफी मंगवाने की मांग पर अड़ गए. हालांकि, बाद में चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ. मनोज यादव और मुफस्सिल थानाध्यक्ष शंभू भगत की पहल पर ताला खुलवा दिया गया.
पांच दिन रामलीला के बाद तालाबंदी से नाराजगी
चौसा में वर्ष 1925 से रामलीला का आयोजन होता आ रहा है. इस बार भी रामलीला का मंचन चल रहा था और पांच दिन का कार्यक्रम पूरा हो चुका था, जबकि चार दिन का मंचन बाकी था. इसी बीच साक्षरता भवन सह रामलीला मंच पर पहले से लगे ताले के ऊपर दूसरा ताला लगा दिया गया. इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग नाराज हो गए और विरोध शुरू कर दिया.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रामलीला जैसे पारंपरिक आयोजन के बीच इस तरह की कार्रवाई से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल ताला खोल देना पर्याप्त नहीं है. कार्यपालक पदाधिकारी को मौके पर आकर जवाब देना चाहिए और लोगों से माफी मांगनी चाहिए.
जनप्रतिनिधियों से बातचीत नहीं करने पर उठाए सवाल
स्थानीय लोगों ने कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद पिछले चार वर्षों से रामलीला का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से होता रहा है. ऐसे में मंच पर ताला लगाने से पहले नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों से बातचीत की जानी चाहिए थी. लोगों ने आशंका जताई कि इस कार्रवाई से दुर्गापूजा के दौरान बना माहौल भी प्रभावित हो सकता है.
स्थानीय निवासी धनजी तिवारी ने कहा कि कार्यपालक पदाधिकारी पहले भी रामलीला के दौरान निरीक्षण कर चुकी हैं. उन्हें जानकारी थी कि यहां पांच दिनों से मंचन हो रहा है. इसके बावजूद पहले से लगे ताले के ऊपर दूसरा ताला लगा दिया गया.
हंगामे की सूचना पर चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ मनोज यादव तथा मुफस्सिल थानाध्यक्ष शंभू भगत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी ईओ को मौके पर बुलाने और उनसे माफी मंगवाने की मांग पर अड़े रहे. बाद में चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ. मनोज यादव और थानाध्यक्ष की स्वयं नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे तथा कार्यपालक पदाधिकारी से चाबी मांग कर भवन का ताला खुलवाया.
इस मामले में कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. ऐसे में तालाबंदी के कारणों पर उनका पक्ष नहीं मिल सका.




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