कहा कि वर्ष 2024 में नाना पाटेकर से सम्मान प्राप्त करना उनके जीवन के सबसे यादगार और भावुक क्षणों में से एक है. उस पल की स्मृतियां आज भी उनके दिल में ताजा हैं. नाना पाटेकर जैसी शख्सियत से सम्मान मिलना उनके लिए गर्व की बात थी.

- कहा - नाना पाटेकर को केवल हीरो कहना उनकी प्रतिभा को सीमित करना होगा
- बोले डॉक्टर दिलशाद आलम वे अपने किरदारों को जीते थे
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शुक्रवार को साबित खिदमत फाउंडेशन हॉस्पिटल में शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. इस दौरान डॉ. दिलशाद आलम सहित उपस्थित लोगों ने उनके अभिनय, व्यक्तित्व और कला के प्रति समर्पण को याद किया. डॉ. दिलशाद आलम वर्ष 2024 के उस यादगार पल को याद कर भावुक हो गए, जब नाना पाटेकर ने एजाज खान के साथ उन्हें सम्मानित किया था.
डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि नाना पाटेकर को केवल हीरो कहना उनकी प्रतिभा को सीमित करना होगा. वे एक सच्चे अभिनेता थे, जो अपने किरदारों को सिर्फ पर्दे पर निभाते नहीं, बल्कि उन्हें जीवंत कर देते थे. उनके अभिनय की गहराई, संवाद अदायगी और कला के प्रति समर्पण उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाता था.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में नाना पाटेकर से सम्मान प्राप्त करना उनके जीवन के सबसे यादगार और भावुक क्षणों में से एक है. उस पल की स्मृतियां आज भी उनके दिल में ताजा हैं. नाना पाटेकर जैसी शख्सियत से सम्मान मिलना उनके लिए गर्व की बात थी. उनके निधन से सिनेमा जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिनकी कला और व्यक्तित्व की छाप लंबे समय तक लोगों के दिलों में बनी रहेगी.
डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि कुछ शख्सियतें अपने हुनर और व्यक्तित्व से ऐसी अमिट छाप छोड़ जाती हैं, जिन्हें समय के साथ भुलाया नहीं जा सकता. नाना पाटेकर भी उन्हीं कलाकारों में शामिल थे. उनका अभिनय और सिनेमा में योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा.
शोकसभा में नासिर, शमशाद, नागेंद्र कुमार, निशा रानी, राजेश, नसीम, मोतीलाल, प्यारे लाल, प्रदीप, अरुण सिंह, अरुण उपाध्याय और राहुल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे. सभी ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.




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