आरोप लगाया गया कि बक्सर में स्थापना शाखा से नियंत्रित करीब 2 हजार कार्यपालक सहायकों के मामले में हड़ताल अवधि के भुगतान को लेकर आपत्ति लगाई गई थी.
- दूसरे जिलों में जिलाधिकारियों के आदेश से हो चुका है भुगतान, बक्सर में पंचायती राज और आपूर्ति विभाग के कार्यपालक सहायकों को भी पहले ही मिला लाभ
- स्थापना से नियंत्रित करीब 2 हजार कार्यपालक सहायकों के भुगतान पर लगाई गई आपत्ति का मामला आयुक्त तक पहुंचा, जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : कार्यपालक सहायकों की 3, 4 और 6 अक्टूबर 2025 की हड़ताल अवधि के तीन दिनों के वेतन का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. अन्य जिलों में जिलाधिकारियों के आदेश पर इस अवधि का भुगतान किया जा चुका है. बक्सर में भी पंचायती राज और आपूर्ति विभाग में कार्यरत कार्यपालक सहायकों को इसका भुगतान पूर्व में ही किया जा चुका है. वहीं, स्थापना शाखा से नियंत्रित करीब 2 हजार कार्यपालक सहायकों के मामले में भुगतान को लेकर आपत्ति लगाए जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब डीएम के आदेश तक पहुंच गया है.
मामला वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय के परिवाद से जुड़ा है. उन्होंने कार्यपालक सहायकों की हड़ताल अवधि के तीन दिनों के वेतन भुगतान और वर्ष 2025 के इंक्रीमेंट का मुद्दा बिहार लोक शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत प्रमंडलीय आयुक्त, पटना के समक्ष उठाया था. लंबी सुनवाई और जांच के बाद मामले में दूसरे जिलों में हुई कार्रवाई को भी रिकॉर्ड पर लिया गया.
जांच में सामने आया कि दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर समेत कई जिलों में 3, 4 और 6 अक्टूबर 2025 की सामूहिक अवकाश अवधि को स्वीकृत किया गया था. संबंधित जिलों में जिलाधिकारियों के आदेश के आधार पर कर्मियों को इसका लाभ भी दिया गया. बक्सर में भी पंचायती राज और आपूर्ति विभाग के कार्यपालक सहायकों को पूर्व में ही इस अवधि का भुगतान किए जाने की बात सामने आई.
स्थापना शाखा के करीब 2 हजार कर्मियों का मामला क्यों अटका?
शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि बक्सर में स्थापना शाखा से नियंत्रित करीब 2 हजार कार्यपालक सहायकों के मामले में हड़ताल अवधि के भुगतान को लेकर आपत्ति लगाई गई थी. शिकायत में इस आपत्ति को गलत मंशा से लगाए जाने का आरोप भी लगाया गया. इसी बिंदु को प्रमंडलीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया और मामले की जांच कराई गई.
जांच के दौरान दूसरे जिलों में दी गई स्वीकृति और बक्सर के अलग-अलग विभागों में हुई कार्रवाई का भी परीक्षण किया गया. इसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने मामले में आगे नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश जिलाधिकारी, बक्सर को दिया.
अब डीएम साहिला ने तीन दिनों के अवकाश को दी मंजूरी
प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश के बाद डीएम साहिला ने 7 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया. इसमें बक्सर जिले के सभी विभागों और कार्यालयों में पदस्थापित कार्यपालक सहायकों एवं आईटी सहायकों के 3, 4 और 6 अक्टूबर 2025 के कुल तीन दिनों के सामूहिक अवकाश को उपार्जित अवकाश के रूप में स्वीकृति प्रदान कर दी गई है.
डीएम के इस आदेश के बाद हड़ताल अवधि को अवकाश के रूप में मान्यता मिल गई है और इससे संबंधित कर्मियों के तीन दिनों के वेतन भुगतान का रास्ता साफ होने की स्थिति बनी है. हालांकि, आदेश में अलग से भुगतान की राशि या भुगतान की तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है. वर्ष 2025 के इंक्रीमेंट के संबंध में भी इस आदेश में अलग से कोई निर्णय दर्ज नहीं है.
अब पूरे मामले में निगाह इस बात पर है कि स्वीकृत अवकाश के आधार पर स्थापना से नियंत्रित करीब 2 हजार कार्यपालक सहायकों के तीन दिनों के वेतन का भुगतान कब तक किया जाता है.





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