बक्सर के खून ने पटना में बनाई पहचान, ‘ब्लड बक्सर’ को मिला बड़ा सम्मान ..

खास बात यह रही कि सम्मेलन में बक्सर और भोजपुर दोनों जिलों का प्रतिनिधित्व ब्लड बक्सर ने किया. संस्था की ओर से इन दोनों जिलों में रक्तदान जागरूकता अभियान, स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और रक्तदान शिविरों के आयोजन का काम किया जा रहा है.




                           



  • दो जिलों में रक्तदान की मुहिम का डंका, बक्सर-भोजपुर का प्रतिनिधित्व कर पटना पहुंची संस्था
  • 526 रक्तदाता जुड़े, 26 साल में 3-4 बार करते हैं रक्तदान; प्रियेश बोले- यह सम्मान रक्तवीरों का

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जरूरत के वक्त एक यूनिट खून किसी के लिए जिंदगी की सबसे बड़ी उम्मीद बन जाता है. इसी उम्मीद को मजबूत करने में जुटी बक्सर की ‘ब्लड बक्सर’ संस्था को पटना में राज्य स्तरीय सम्मान मिला है. बुधवार को बापू टावर, गर्दनीबाग में आयोजित स्टेट वॉलंटरी ब्लड डोनेशन ऑर्गनाइजर्स कॉनक्लेव 2026 में बक्सर और भोजपुर में स्वैच्छिक रक्तदान तथा जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए संस्था को सम्मानित किया गया.

यह आयोजन बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (बीएसएसीएस) और स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में हुआ. खास बात यह रही कि सम्मेलन में बक्सर और भोजपुर दोनों जिलों का प्रतिनिधित्व ब्लड बक्सर ने किया. संस्था की ओर से इन दोनों जिलों में रक्तदान जागरूकता अभियान, स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और रक्तदान शिविरों के आयोजन का काम किया जा रहा है.

सम्मान मिला तो बोले- यह हमारी नहीं, रक्तवीरों की जीत

संस्था के संस्थापक अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रियेश और आदिल को व्यक्तिगत रक्तदान के साथ संगठन के माध्यम से किए जा रहे कार्यों के लिए सम्मानित किया गया. उन्हें यह सम्मान बीएसएसीएस के परियोजना निदेशक सुमित कुमार, भारतीय प्रशासनिक सेवा, ने प्रदान किया.

सम्मान मिलने के बाद प्रियेश ने कहा कि ब्लड बक्सर को बक्सर और भोजपुर में नंबर-1 तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका उन लोगों की है, जिन्होंने जरूरतमंदों के लिए अपना रक्त दिया. उन्होंने कहा कि बिहार में दो जिलों में एक साथ नंबर-1 रहने वाली संस्था बनने का गौरव रक्तदाताओं के सहयोग से संभव हुआ है.

526 लोगों ने थामा ‘जीवनदान’ का हाथ

ब्लड बक्सर के अनुसार, संस्था से अब तक 526 रक्तदाता जुड़ चुके हैं. इनमें 26 ऐसे नियमित रक्तदाता हैं, जो साल में तीन से चार बार रक्तदान करते हैं. संस्था का दावा है कि बक्सर और भोजपुर में लगातार रक्तदान शिविरों और जागरूकता अभियानों के जरिए स्वैच्छिक रक्तदान की मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है.

आदिल ने कहा कि पटना में मिला सम्मान केवल उनके या संस्था का सम्मान नहीं है. यह उन सभी रक्तवीरों, रक्तवीरांगनाओं, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का सम्मान है, जिन्होंने रक्तदान की मुहिम को मजबूत किया है.

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का रक्तदान किसी मरीज की जिंदगी बचाने के साथ उसके पूरे परिवार की उम्मीद बचा सकता है. इसी सोच के साथ संस्था आगे भी रक्तदान शिविर और जागरूकता अभियान जारी रखेगी.

ब्लड बक्सर ने आगे का संकल्प भी साफ कर दिया है- ‘हर घर रक्तदाता, घर-घर जीवनदाता.’ संस्था का संदेश है, ‘हर बूंद बनेगी जिंदगी, हर कदम पर होगी इंसानियत.’


















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