सफाईकर्मी कचरा उठाकर गए, फिर सड़क पर कचरा! बक्सर के 3 प्रतिष्ठानों को नगर परिषद का नोटिस ..

सफाई एवं कूड़ा उठाव के बाद भी संबंधित भवनों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के सामने सड़क, नाली और फुटपाथ पर दोबारा कचरा फेंका जा रहा है. परिषद का कहना है कि इससे शहर में गंदगी फैलने के साथ बीमारी का खतरा भी बना रहता है.




                           




  • नमक फैमिली रेस्टोरेंट और पार्क व्यू समेत तीन प्रतिष्ठानों को दो टूक- सड़क-नाली पर कचरा फेंका तो होगी कार्रवाई
  • मोबाइल कोर्ट की निगरानी शुरू, डस्टबिन में कचरा रखने का निर्देश; नियम तोड़ा तो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर में सफाईकर्मी कचरा उठाकर चले जाएं और उसके बाद उसी जगह फिर कचरा नजर आए, तो नगर परिषद अब इसे नजरअंदाज नहीं करेगी. बक्सर में सड़क, नाली और फुटपाथ पर दोबारा कचरा फेंकने के मामले में नगर परिषद ने तीन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है. इनमें कोलकाता, रॉयल विरयामी हाउस, जमुना चौक, नमक फैमिली रेस्टोरेंट, बक्सर और पार्क व्यू फैमिली रेस्टोरेंट एंड बैंक्वेट हॉल शामिल हैं. 5 अक्टूबर को जारी नोटिस में सभी को कचरा फैलाने और जलाने पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया गया है.

नगर परिषद के अनुसार, सफाई एवं कूड़ा उठाव के बाद भी संबंधित भवनों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के सामने सड़क, नाली और फुटपाथ पर दोबारा कचरा फेंका जा रहा है. परिषद का कहना है कि इससे शहर में गंदगी फैलने के साथ बीमारी का खतरा भी बना रहता है.

सड़क-नाली को कूड़ेदान बनाने पर रोक

नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों, यानी सड़क, नाली, फुटपाथ और अन्य सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार की गंदगी फैलाना या कचरा जलाना प्रतिबंधित है. संबंधित प्रतिष्ठानों को अपने यहां डस्टबिन रखने और कचरा उसमें जमा करने का निर्देश दिया गया है. इसके बाद कचरा नगर परिषद के सफाई वाहनों में डालना सुनिश्चित करने को कहा गया है.

मोबाइल कोर्ट की निगरानी, नियम टूटा तो कार्रवाई

नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के सिविल अपील संख्या 6174/2023 में पारित न्यायादेश का हवाला दिया गया है. इसके आलोक में नगर परिषद, बक्सर में मोबाइल कोर्ट का गठन किया गया है, जो पूरे शहरी क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुपालन की निगरानी कर रहा है.

नगर परिषद ने साफ चेतावनी दी है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नगर परिषद, बक्सर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपविधि-2019 की अनुसूची-II और बिहार नगरपालिका अधिनियम-2007 के तहत दंडात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

यानी अब सफाई के बाद दोबारा सड़क या नाली पर कचरा फेंकना संबंधित प्रतिष्ठानों को भारी पड़ सकता है. नगर परिषद की इस कार्रवाई से शहर में कचरा प्रबंधन को लेकर निगरानी और सख्त होने के संकेत मिले हैं.


















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