आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया गया. वितरकों ने कहा कि 6 अक्टूबर को ‘नो मनी-नो इंडेंट’ के तहत कोई भी वितरक तेल कंपनी के खाते में पैसा ट्रांसफर नहीं करेगा और न ही नया इंडेंट भेजेगा.
![]() |
| अपनी बातें रखने एकत्रित हुए वितरक |
- कमीशन में ₹75 बढ़ोतरी समेत कई मांगें, 26 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना
- आंदोलन लंबा चला तो सिलेंडर की बुकिंग और सप्लाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई व्यवस्था संभालने वाले बक्सर जिले के 27 वितरकों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. सोमवार को जिला मुख्यालय में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) के आह्वान पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया गया. वितरकों ने कहा कि 6 अक्टूबर को ‘नो मनी-नो इंडेंट’ के तहत कोई भी वितरक तेल कंपनी के खाते में पैसा ट्रांसफर नहीं करेगा और न ही नया इंडेंट भेजेगा.
आंदोलन बढ़ा तो उपभोक्ताओं की बढ़ सकती है परेशानी
वितरकों के इस कदम का सीधा असर एलपीजी उपभोक्ताओं पर पड़ने की आशंका है. एक दिन के ‘नो मनी-नो इंडेंट’ से तत्काल पूरे जिले में गैस आपूर्ति बंद होने की स्थिति जरूरी नहीं है, लेकिन यदि आंदोलन आगे बढ़ता है या अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होती है तो सिलेंडर की बुकिंग, इंडेंट और डिलीवरी की नियमित व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. इससे उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर के लिए अधिक इंतजार करना पड़ सकता है.
खासकर नियमित रिफिल पर निर्भर परिवारों के लिए सप्लाई में देरी परेशानी बढ़ा सकती है. हालांकि, वितरकों ने फिलहाल 6 अक्टूबर को ‘नो मनी-नो इंडेंट’ और 26 अक्टूबर को दिल्ली में धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है. अनिश्चितकालीन हड़ताल की स्थिति मांगें नहीं माने जाने पर आगे तय करने की बात कही गई है.
₹75 कमीशन बढ़ाने समेत कई मांगें
एलपीजी वितरकों ने होम डिलीवरी एवं प्रशासनिक शुल्क यानी कमीशन में तत्काल ₹75 की वृद्धि करने की मांग की है. इसके अलावा उपभोक्ताओं पर पीएनजी लेने की अनिवार्य शर्त से संबंधित आदेश को वापस लेने की मांग भी उठाई गई है.
वितरकों ने उपभोक्ताओं की प्रत्येक ई-केवाईसी के लिए ₹236 भुगतान की मांग की है. उनका कहना है कि ई-केवाईसी का काम वितरकों से कराया जा रहा है, लेकिन इसके लिए उचित भुगतान नहीं किया जा रहा.
चूल्हा, ट्यूब समेत अन्य सामान बेचने के दबाव का विरोध
वितरकों ने सार्वजनिक तेल कंपनियों के अधिकारियों पर एकाधिकारपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि एलपीजी वितरकों के माध्यम से चूल्हा, रबर ट्यूब, फायरवॉल, ट्रॉली, चायपत्ती समेत अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए दबाव बनाया जाता है. इसे तत्काल रोकने की मांग की गई.
इसके साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए 5 किलो और 19 किलो के सिलेंडरों की जबरन बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी की गई.
26 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन, फिर हड़ताल की चेतावनी
देशभर के एलपीजी वितरक 26 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे. वितरकों का कहना है कि इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है.
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) ने प्रधानमंत्री, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल से मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की है. बक्सर इकाई के अध्यक्ष मृत्युंजय ने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वितरकों के पास अनिश्चितकालीन हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.





.png)








0 Comments