बुधवार को घर पहुंचने पर साक्षी को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा. बेटी की कामयाबी से खुश पिता संतोष कुमार और मां रेखा प्रसाद ने मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया.

- बिहार स्टेट सीनियर जूडो चैंपियनशिप में लगातार छठी बार बनीं चैंपियन, नवोदय विद्यालय की छात्राओं को आत्मरक्षा का भी देती हैं प्रशिक्षण
- दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम के बाद जालंधर में बीपीएड की तैयारी, खेल और पढ़ाई के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रहीं साक्षी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : मेहनत, अनुशासन और मजबूत इरादे हों तो सफलता की राह में कोई बाधा टिक नहीं सकती. डुमरांव की बेटी साक्षी ने इसे एक बार फिर साबित कर दिखाया है. बिहार स्टेट सीनियर जूडो चैंपियनशिप में लगातार छठी बार गोल्ड मेडल जीतकर साक्षी ने न केवल अपने परिवार, बल्कि डुमरांव सहित पूरे बक्सर जिले का मान बढ़ाया है. पटना के मान्या रिजॉर्ट में 17 और 18 अक्टूबर को आयोजित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया. उनकी इस उपलब्धि से परिवार और स्थानीय खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है. बुधवार को घर पहुंचने पर साक्षी को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा. बेटी की कामयाबी से खुश पिता संतोष कुमार और मां रेखा प्रसाद ने मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया.
खेल के मैदान से छात्राओं को आत्मरक्षा का पाठ
साक्षी की पहचान सिर्फ एक सफल जूडो खिलाड़ी तक सीमित नहीं है. वह खेल के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रही हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह फिलहाल जालंधर में बीपीएड की तैयारी कर रही हैं. पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ रहीं साक्षी नावानगर स्थित नवोदय विद्यालय में महीने में दो दिन छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी देती हैं. उनके इस प्रयास से छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर मिल रहा है. साक्षी की यह पहल बताती है कि खेल में मिली उपलब्धियों का इस्तेमाल दूसरों को सशक्त बनाने के लिए भी किया जा सकता है.
2021 से जारी है पदकों का सफर, अब राष्ट्रीय स्तर पर नजर
व्यवसायी पिता संतोष कुमार और ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मां रेखा प्रसाद ने हमेशा बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है. साक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और भाई आनंद राज के सहयोग को दिया. उनका कहना है कि परिवार ने हर परिस्थिति में उन पर भरोसा बनाए रखा और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. उनके भाई आनंद राज भी दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं और बहन की उपलब्धि पर गर्व महसूस करते हैं.
साक्षी का खेल सफर वर्ष 2021 से लगातार उपलब्धियों से भरा रहा है. इस दौरान उन्होंने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है. राज्य स्तरीय सीनियर जूडो चैंपियनशिप में लगातार छठी बार स्वर्ण पदक जीतना उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का प्रमाण है. अब उनकी नजर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने पर है. साक्षी की उपलब्धि छोटे शहरों की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं.





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