विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से न केवल रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत किया, बल्कि मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप का मंचन कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया. इसके बाद डांडिया की धुन पर बच्चों के साथ अभिभावक भी झूमते नजर आए.

- नवरात्रि महोत्सव में नन्हे कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों का किया जीवंत मंचन, कक्षा छह, आठ और नौ के विद्यार्थियों ने अष्टभुजाधारी माता के स्वरूप से मोहा मन
- प्राचार्य समीक्षा तिवारी की देखरेख में सजा भक्तिमय माहौल, पूजा-अर्चना के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर के पांडेय पट्टी स्थित लोयोला स्कूल में शुक्रवार को आयोजित नवरात्रि महोत्सव में भक्ति, संस्कृति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला. विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से न केवल रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत किया, बल्कि मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप का मंचन कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया. इसके बाद डांडिया की धुन पर बच्चों के साथ अभिभावक भी झूमते नजर आए. पूरे आयोजन में भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की मनमोहक झलक दिखाई दी.
महोत्सव का खास आकर्षण नर्सरी और केजी के नन्हे-मुन्ने बच्चों की रामलीला रही. छोटी उम्र के इन कलाकारों ने श्रीराम वन गमन, सीता हरण, रावण वध और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक जैसे प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया. अपनी सहज अदाकारी और आत्मविश्वास से बच्चों ने दर्शकों का दिल जीत लिया. नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति ने यह साबित किया कि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से छोटी उम्र में भी बच्चों की प्रतिभा को निखारा जा सकता है.
अष्टभुजाधारी माता के दिव्य स्वरूप ने मोहा मन
कार्यक्रम में कक्षा छह, आठ और नौ के विद्यार्थियों ने एक साथ अष्टभुजाओं वाली माता दुर्गा के दिव्य स्वरूप का मंचन किया. मां दुर्गा के इस भव्य स्वरूप की प्रस्तुति ने महोत्सव को विशेष आकर्षण प्रदान किया. विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से शक्ति और भक्ति के भाव को मंच पर उतारकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस प्रस्तुति के माध्यम से नवरात्रि में शक्ति की उपासना और मां दुर्गा की महिमा का संदेश भी सामने आया.
डांडिया की धुन पर बच्चों के साथ थिरके अभिभावक
रामलीला और मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप के मंचन के बाद डांडिया महोत्सव का आयोजन हुआ. विद्यालय के विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया. पारंपरिक संगीत की धुन पर रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने डांडिया खेलकर उत्सव का आनंद लिया. खास बात यह रही कि अभिभावक भी बच्चों के उत्साह में शामिल हुए और उनके साथ डांडिया करते नजर आए. इससे विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो गया.
पूजा-अर्चना और आकर्षक सजावट ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा
नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत माता दुर्गा की पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई. मंच पर कलश और उसके ऊपर दीपक की आकर्षक सजावट की गई थी, जो पारंपरिक शक्ति उपासना की भावना को दर्शा रही थी. धार्मिक अनुष्ठान से शुरू हुआ कार्यक्रम धीरे-धीरे सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और डांडिया के उल्लास में बदल गया. विद्यार्थियों की भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया.
भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास : प्राचार्य
कार्यक्रम का सफल आयोजन प्राचार्य समीक्षा तिवारी की देखरेख में हुआ. उन्होंने कहा कि डांडिया शक्ति की आराधना से जुड़ा पर्व है, जिसे नवरात्रि के दौरान उत्साह के साथ मनाया जाता है. रामलीला के माध्यम से बच्चों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र और आदर्शों से परिचित कराया गया. वहीं, मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप की प्रस्तुति से विद्यार्थियों को शक्ति उपासना और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को समझने का अवसर मिला.
आयोजन को सफल बनाने में शिक्षिका रोशनी कुमारी, अभय कुमार, अमीषा कुमारी, निधि कुमारी, निशा कुमारी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यालय कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. कार्यक्रम की विभिन्न जिम्मेदारियों में प्राचार्य समीक्षा तिवारी और रोशनी कुमारी ने सहयोग किया, जबकि आर्ट एंड क्राफ्ट से जुड़ी तैयारियों में अभय कुमार, अमीषा कुमारी और निधि कुमारी ने योगदान दिया.
अंत में प्राचार्य समीक्षा तिवारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षक-कर्मियों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने विद्यालय परिवार की ओर से सभी को धन्यवाद देते हुए नवरात्रि महोत्सव का समापन किया.




.png)















0 Comments