खेतों में बिछी धान की फसल, किसानों पर दोहरी मार; डॉ. श्रवण तिवारी ने सरकार से की यह अपील ..

किसान महीनों तक मेहनत करने के बाद फसल तैयार होने का इंतजार करते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है. ऐसे समय में किसानों को सरकारी सहायता की सबसे अधिक जरूरत है.

 




               




  • प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई किसानों की मेहनत, फसल क्षति का सर्वे कराकर तत्काल राहत देने की अपील
  • जलजमाव से बढ़ी परेशानी, फसल बीमा और विशेष राहत पैकेज देने की उठाई मांग 

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : बिहार में चक्रवात, तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. खेतों में पककर तैयार धान की फसल तेज हवाओं के कारण जमीन पर गिर गई है. वहीं, लगातार बारिश से खेतों में जलजमाव की स्थिति बन गई है. इससे फसल की बर्बादी के साथ किसानों के सामने आर्थिक संकट भी गहराने लगा है. इस गंभीर स्थिति पर रेड क्रॉस के सचिव डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने चिंता जताते हुए राज्य सरकार से किसानों को तत्काल राहत और उचित मुआवजा देने की मांग की है.

डॉ. तिवारी ने कहा कि यह सिर्फ फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि उन लाखों किसान परिवारों की उम्मीदों और आजीविका पर चोट है, जिनकी पूरी आर्थिक व्यवस्था खेती पर निर्भर करती है. किसान महीनों तक मेहनत करने के बाद फसल तैयार होने का इंतजार करते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है. ऐसे समय में किसानों को सरकारी सहायता की सबसे अधिक जरूरत है.

पांच सूत्री मांगों के जरिए सरकार का ध्यान खींचा

डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में अविलंब निष्पक्ष और पारदर्शी फसल क्षति सर्वे कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जिन किसानों की धान और अन्य फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए. इसके साथ ही जलजमाव वाले खेतों से पानी निकालने के लिए तत्काल व्यवस्था की जाए, ताकि आगे की खेती भी प्रभावित न हो.

उन्होंने प्रभावित किसानों को कृषि सहायता और फसल बीमा का लाभ जल्द उपलब्ध कराने तथा इस संकट से उबारने के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने की भी अपील की.

अन्नदाता की चिंता दूर करना सरकार की जिम्मेदारी

डॉ. तिवारी ने कहा कि किसान केवल अपने परिवार का पेट नहीं पालता, बल्कि पूरे देश के लिए अन्न उपजाता है. अन्नदाता की मेहनत और योगदान के बिना देश की खुशहाली की कल्पना नहीं की जा सकती. आज जब किसान प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, तब सरकार, प्रशासन और समाज सभी की जिम्मेदारी है कि उसके साथ खड़े हों.

उन्होंने सरकार से बिहार के प्रभावित किसानों की पुकार सुनने और उन्हें जल्द से जल्द राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने का आग्रह किया. उनका कहना है कि अन्नदाता सुरक्षित रहेगा, तभी देश की आर्थिक और सामाजिक खुशहाली का आधार मजबूत होगा.










Post a Comment

0 Comments