आग लगी तो क्या करेंगे? साबित खिदमत अस्पताल में 100 लोगों ने सीखा खुद को और दूसरों को बचाने का तरीका ..

विशेषज्ञों ने अग्निशामक यंत्र के सही उपयोग का लाइव प्रदर्शन किया. उन्होंने बताया कि आग लगने की स्थिति में सबसे पहले धैर्य बनाए रखना, सुरक्षित स्थान पर पहुंचना और समय रहते अग्निशामक उपकरणों का सही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है.





                             


- साबित खिदमत फाउंडेशन एंड हॉस्पिटल में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन
- विशेषज्ञों ने अग्निशामक यंत्र के इस्तेमाल और आपदा प्रबंधन का दिया प्रशिक्षण

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : आग लगने जैसी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही निर्णय कैसे लिया जाए, इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण शुक्रवार को चीनी मिल स्थित साबित खिदमत फाउंडेशन एंड हॉस्पिटल में आयोजित फायर मॉक ड्रिल के दौरान दिया गया. कार्यक्रम में चिकित्सकों, अस्पताल कर्मचारियों और आम नागरिकों समेत करीब 100 लोगों ने भाग लेकर अग्नि सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियम सीखे.

व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास

फायर सेफ्टी विशेषज्ञों ने अग्निशामक यंत्र के सही उपयोग का लाइव प्रदर्शन किया. उन्होंने बताया कि आग लगने की स्थिति में सबसे पहले धैर्य बनाए रखना, सुरक्षित स्थान पर पहुंचना और समय रहते अग्निशामक उपकरणों का सही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है. प्रतिभागियों को आपातकालीन निकासी और प्राथमिक बचाव के तरीकों की भी जानकारी दी गई.

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि मरीजों, कर्मचारियों और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग फायर सेफ्टी के प्रति सजग हो सकें और किसी भी आपदा की स्थिति में बेहतर ढंग से सामना कर सकें.

मानवाधिकार संगठन ने भी निभाई सक्रिय भूमिका

कार्यक्रम में मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन के सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई. संगठन के बिहार प्रदेश सचिव डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि आग से होने वाली दुर्घटनाओं में जागरूकता और समय पर सही कदम उठाना सबसे प्रभावी बचाव है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को फायर सेफ्टी के मूल नियमों की जानकारी होनी चाहिए और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए.

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में डॉ. दिलशाद आलम, शहनवाज़ मीना, रानू प्रसाद, आस्था, अंजलि, सूरजी, बृजेश जायसवाल, हसीना, शहनवाज़, सोनम, नासिर, राहुल सहित अस्पताल के चिकित्सक, कर्मचारी, मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन के सदस्य तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.













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