टुड़ीगंज स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को गरजा जनाक्रोश, रेलवे को 15 अगस्त तक की मोहलत ..

समिति ने स्टेशन की यात्री सुविधाओं को लेकर भी रेलवे को घेरा. मांग पत्र में पेयजल, शौचालय, यात्री शेड, साफ-सफाई और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ सीसीटीवी कैमरों की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की गई है.






                             


  • चार एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव समेत पांच मांगों को लेकर धरना, मांगें नहीं मानीं तो ट्रैक पर उतरने की चेतावनी
  • कोरोना के बाद बंद हुए ठहराव से स्टेशन का राजस्व एक तिहाई होने का समिति ने जताया दावा

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : टुड़ीगंज रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं की मांग अब आंदोलन का रूप लेने लगी है. सोमवार को रेलयात्री कल्याण समिति की टुड़ीगंज शाखा के नेतृत्व में आयोजित विशाल एकदिवसीय धरने में बड़ी संख्या में लोग जुटे. धरना देर शाम सशर्त समाप्त हुआ, लेकिन समिति ने रेलवे को साफ चेतावनी दी कि 15 अगस्त तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

धरने की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष उमेश प्रसाद ने की, जबकि संचालन इमरान खान ने किया. कार्यक्रम में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह के साथ केंद्रीय कमेटी के बीजेन्द्र सिंह यादव, रासबिहारी राय, कामेन्द्र सिंह और पंकज कुमार पटेल सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए.

चार एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग

धरने के माध्यम से स्टेशन प्रबंधक के जरिए मंडल रेल प्रबंधक, दानापुर को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. इसमें टुड़ीगंज स्टेशन पर बक्सर-पटना सुपरफास्ट, टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस और विभूति एक्सप्रेस का ठहराव देने की मांग की गई है. इसके साथ ही पैसेंजर ट्रेनों का समयानुसार नियमित परिचालन सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई.

समिति ने स्टेशन की यात्री सुविधाओं को लेकर भी रेलवे को घेरा. मांग पत्र में पेयजल, शौचालय, यात्री शेड, साफ-सफाई और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ सीसीटीवी कैमरों की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की गई है.

'चार ट्रेनें रुकती थीं, अब स्टेशन की तस्वीर बदल गई'

धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि समिति का उद्देश्य रेल यात्रियों को उनके अधिकारों और समस्याओं के प्रति जागरूक करना है. उन्होंने कहा कि कभी टुड़ीगंज स्टेशन पर चार एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होता था. कोरोना काल में इन ट्रेनों का परिचालन बंद हुआ, लेकिन बाद में ठहराव बहाल नहीं किया गया.

उन्होंने दावा किया कि एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव बंद होने का असर स्टेशन के राजस्व पर भी पड़ा और राजस्व घटकर करीब एक तिहाई रह गया. समिति का कहना है कि यात्री सुविधाएं और ट्रेनों के ठहराव बहाल होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.

15 अगस्त तक मांगें नहीं मानीं तो ट्रैक पर उतरेंगे

शाखा अध्यक्ष उमेश प्रसाद ने धरने को आंदोलन की पहली कड़ी बताते हुए कहा कि 15 अगस्त तक यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. पहले अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा और इसके बाद रेलवे ट्रैक पर बैठकर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई.

धरने में सदीसोपुर से जयंत कुमार गौरव, बिहटा से रवि कुमार, आरा से अभिषेक मेहता व राकेश कुमार सिंह, बक्सर से अनिल कुमार सिंह, वैद्य एसके पाण्डेय व तौकीर आलम, बरुना से जयप्रकाश चौबे व डॉ. बबन कुशवाहा तथा डुमरांव से रामबाबू कुशवाहा, शंभू चौरसिया, हरेराम ठाकुर, रामजी प्रसाद और विशेषर ठाकुर सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.

स्थानीय स्तर पर पूर्व प्रमुख बद्री विशाल सिंह, भारत भूषण सिंह, कुमार राम अवतार, पूर्व मुखिया राजू सिंह, पूर्व मुखिया मनोज कुमार ठाकुर, सरपंच जनार्दन सिंह, पंचायत समिति सदस्य सत्येंद्र कुशवाहा, आलम हुसैन, संजय राम, लक्ष्मण प्रसाद साधु, महेंद्र प्रसाद, अभिमन्यु सिंह, ओमप्रकाश सिंह और रविकांत अतुल्य सहित सैकड़ों लोगों की मौजूदगी रही.













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